रांची/झारखंड: झारखंड पुलिस के पास बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध है, जिसका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। खासतौर पर पेट्रोल पंप के संचालन के लिए बड़े भूखंड की आवश्यकता होती है, और झारखंड पुलिस के पास ऐसी कई उपयुक्त जमीनें मौजूद हैं। पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता की पहल पर इन जमीनों की पहचान कर वहां पेट्रोल पंप खोलने की योजना बनाई गई है।
क्या है झारखंड पुलिस की पेट्रोल पंप योजना?
झारखंड पुलिस के डीजीपी अनुराग गुप्ता पुलिस कल्याण के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। उनकी एक प्रमुख योजना पुलिस की जमीन को किराए पर देने से जुड़ी है, लेकिन यह केवल पेट्रोल पंप संचालन के लिए होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड पुलिस स्वयं पेट्रोल पंपों का संचालन नहीं करेगी और न ही पुलिसकर्मी इसमें शामिल होंगे। कुछ समय पहले इस संबंध में अफवाहें फैली थीं कि पुलिस अपना पेट्रोल पंप शुरू करने जा रही है। इस पर डीजीपी ने सफाई देते हुए बताया कि उनकी योजना सिर्फ जमीन को किराए पर देने तक सीमित है।
कमाई का मॉडल: रेंट या पेट्रोल?
डीजीपी अनुराग गुप्ता के अनुसार, झारखंड पुलिस के लिए कमाई के तीन संभावित मॉडल हो सकते हैं। पहला, पुलिस खुद पेट्रोल पंप का संचालन करे। दूसरा, इसे किसी अन्य संस्था को लीज पर दिया जाए। तीसरा, जमीन को सीधे किसी कंपनी को किराए पर देकर उससे राजस्व अर्जित किया जाए। उन्होंने बताया कि जिस भी कंपनी को पेट्रोल पंप खोलने के लिए पुलिस की जमीन किराए पर दी जाएगी, वह झारखंड पुलिस के वाहनों के लिए पेट्रोल आपूर्ति का खर्च भी उठा सकती है।
योजना पर तेजी से काम शुरू
झारखंड पुलिस ने इस योजना को अमल में लाने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। इसके तहत इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक हो चुकी है। अब इन कंपनियों को पुलिस को प्रस्ताव देना होगा, और जो भी कंपनी सबसे अच्छा प्रस्ताव देगी, उसे झारखंड पुलिस की जमीन पर पेट्रोल पंप खोलने का अवसर मिलेगा।
झारखंड पुलिस के पास है पर्याप्त जमीन
झारखंड पुलिस की विभिन्न वाहिनियों और पुलिस लाइन के पास बड़ी मात्रा में जमीन उपलब्ध है, जहां पेट्रोल पंप खोले जा सकते हैं। चूंकि पुलिस के वाहनों के संचालन में पेट्रोल एक बड़ी जरूरत है, इसलिए अगर प्रत्येक जिले में झारखंड पुलिस की जमीन पर पेट्रोल पंप खोले जाते हैं, तो इससे पुलिस वाहनों के ईंधन का खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा।


































