नई दिल्ली: आयकर विधेयक, 2025 की समीक्षा के लिए लोकसभा की एक प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) का गठन किया गया। भाजपा सांसद बैजयंत जय पांडा को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
समिति में कौन-कौन शामिल?
इस समिति में कुल 31 सदस्य होंगे। इनमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 17 सांसद शामिल हैं। एनडीए के इन सदस्यों में भाजपा के 14, जबकि तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), जनता दल (यूनाइटेड) [जेडी(यू)] और शिवसेना के एक-एक सांसद शामिल हैं।
विपक्ष के पास 13 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस के छह, समाजवादी पार्टी (सपा) के दो, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) [एनसीपी (एसपी)] और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एक-एक सांसद शामिल हैं। इसके अलावा मिजोरम पीपुल्स मूवमेंट के सांसद रिचर्ड वनलालहमंगइहा भी समिति का हिस्सा होंगे।
प्रमुख सदस्यों के नाम
बैजयंत जय पांडा के अलावा भाजपा के अन्य प्रमुख सदस्यों में निशिकांत दुबे, पी पी चौधरी, भर्तृहरि महताब और अनिल बलूनी शामिल हैं। विपक्षी दलों से कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा, टीएमसी की महुआ मोइत्रा, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन इस समिति में शामिल किए गए हैं।
रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा
इस समिति को मानसून सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। वर्तमान बजट सत्र 4 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जबकि मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।
विधेयक में क्या बदलाव होंगे?
गुरुवार को लोकसभा में यह विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे प्रवर समिति को भेजने का सुझाव दिया। प्रस्तावित कानून में कर-निर्धारण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘कर निर्धारण वर्ष’ और ‘पूर्व वर्ष’ जैसे शब्दों की जगह ‘कर वर्ष’ जैसे सरल शब्दों का प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ प्रावधानों और स्पष्टीकरणों को भी हटाया जाएगा ताकि भाषा को अधिक सहज बनाया जा सके।
































