धनबाद: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 1 फरवरी को धनबाद में एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि राज्य को स्पेशल पैकेज देने के बजाय, जो 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बकाया केंद्र सरकार के पास है, वह तुरंत झारखंड को दे दिया जाए।

झारखंड का हक वापस दें केंद्र सरकार

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार के आगामी बजट से झारखंड को कोई विशेष उम्मीद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार केवल राज्य के बकाए की मूल राशि ही लौटा दे, वे ब्याज की बात नहीं कर रहे हैं। यह कोई याचना नहीं बल्कि झारखंड का हक है, जो सरकार को चुकता करना चाहिए। यह एक विभागीय दायित्व है और जो देनदारी बनती है, वह राज्य को मिलनी चाहिए।

धनबाद में राजस्व संग्रहण में कमी

वहीं, वित्त मंत्री ने मार्च के अंतिम महीने में वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धनबाद राजस्व संग्रहण का अहम केंद्र है, लेकिन जिले के सभी अंचलों में राजस्व संग्रहण में कमी आई है। इस मुद्दे पर धनबाद जिला प्रशासन से चर्चा की गई है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च तक निर्धारित राजस्व लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम किया जाए।

मंईयां योजना में अनियमितता पर कार्रवाई

मंईयां योजना में गड़बड़ी पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जब बड़े पैमाने पर योजनाओं को लागू किया जाता है, तो उसमें अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री से अधिकारियों की शिष्टाचार मुलाकात

इस दौरान, धनबाद के डीसी माधवी मिश्रा और एसएसपी एचपी जनार्दनन ने मंत्री राधाकृष्ण किशोर से सर्किट हाउस में शिष्टाचार मुलाकात की। अधिकारियों ने मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें बुके भेंट किया।

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का यह बयान राज्य के हक के लिए केंद्र सरकार से बकाया राशि की मांग को लेकर आया है, साथ ही वे राजस्व संग्रहण में सुधार के लिए प्रशासन को भी निर्देशित कर रहे हैं।

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