पटना: केंद्र सरकार ने बिहार को चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5.50 लाख अतिरिक्त प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास आवंटित किए हैं। बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर यह मांग पत्र सौंपा। केंद्रीय मंत्री ने इस पर तुरंत पहल करते हुए बिहार को यह अतिरिक्त लक्ष्य देने का भरोसा दिया। इससे अब इस वित्तीय वर्ष में कुल 7.93 लाख प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रतीक्षा सूची में 11.1 लाख परिवार
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार को पहले ही 2.43 लाख आवास का लक्ष्य मिला हुआ है। इस योजना के तहत वर्तमान प्रतीक्षा सूची में 11.1 लाख परिवारों के नाम हैं। मंत्री श्रवण कुमार ने केंद्रीय मंत्री से इन परिवारों को शीघ्र आवास का लाभ देने का अनुरोध किया। अतिरिक्त लक्ष्य मिलने से प्रतीक्षा सूची के योग्य लाभार्थियों को पक्के घर का सपना पूरा होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश के सपने को मिलेगी मजबूती
बिहार सरकार प्रतीक्षा सूची को शून्य करने का हरसंभव प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार का सहयोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “सबको आवास” के सपने को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इससे गरीब तबकों को पक्के घर मिलने की राह आसान होगी।
उद्योग क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा
बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से मदद ली है। विभाग ने हाल में कई बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
मुंबई इंवेस्टर मीट में पीयूष गोयल की भागीदारी
मुंबई में आयोजित इंवेस्टर मीट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हिस्सा लिया। उन्होंने बिहार में बेहतर आधारभूत संरचना और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। यह मीट टेक्सटाइल सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण रही।
टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए गिरिराज सिंह की मौजूदगी
पटना में टेक्सटाइल सेक्टर के उद्यमियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने टेक्सटाइल नीति के तहत निवेशकों को मिल रही सहूलियतों के बारे में जानकारी दी। रेडीमेड सेक्टर की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
खाद्य प्रसंस्करण में चिराग पासवान का समर्थन
हाल ही में पटना में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए आयोजित इंवेस्टर मीट में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने निवेशकों को बिहार में उद्योग लगाने की गारंटी दी।
विदेशी निवेश को बढ़ावा
विदेशी निवेशकों तक बिहार के अवसर पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय की मदद से दिल्ली में एंबैसडर मीट आयोजित की गई। इसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
रोजगार के नए अवसर
बिहार में वर्तमान में 780 से अधिक उद्योग संचालित हो रहे हैं, जो 34,000 नौकरियां प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, 3,800 से अधिक प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं, जो आगे रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे।
































