पटना: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन आज चर्चा का केंद्र बना, जब प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी पर तीखे सवाल उठाए। शराब से होने वाली मौतों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने शराबबंदी कानून की सख्ती पर सवाल खड़े किए। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद अब तक राज्य में 156 मौतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन इसे प्रभावी तरीके से लागू कर रहा है और शराब कारोबार से जुड़े लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
तेजस्वी ने सरकार पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा बताए गए 156 मौतों के आंकड़े पूरे बिहार के हैं या सिर्फ तीन जिलों के? उन्होंने सवाल किया कि ट्रकों में भरकर जो शराब बिहार में पहुंच रही है, वह कहां से आ रही है? साथ ही यह भी पूछा कि बड़े शराब माफियाओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? तेजस्वी ने कहा, “सरकार बार-बार समीक्षा बैठकें करती है, लेकिन नतीजे क्यों नहीं दिखते? शराबबंदी की विफलता की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
तेजस्वी का तंज

“सरकार को बताना चाहिए कि शराब बिहार में कैसे और कहां से पहुंच रही है। क्या बड़े लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई हुई है?”
श्रवण कुमार का पलटवार
तेजस्वी के आरोपों पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि विपक्ष केवल सवाल उठाता है लेकिन कानून को सफल बनाने में कोई सहयोग नहीं करता। उन्होंने याद दिलाया कि विधानसभा में सभी ने मिलकर शराबबंदी की शपथ ली थी और जागरूकता फैलाने की बात की थी। मंत्री ने कहा, “156 मौतों के आंकड़े में अगर किसी तरह की गलती है तो उसे सुधारा जाएगा। सरकार सख्त है और किसी भी शराब कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह बिहार के हो या देश के बाहर के।”
श्रवण कुमार का बयान
“बिहार में कानून का राज है। शराब के कारोबारी देश के बाहर भी हों, तो उन पर भी कार्रवाई होगी।”































