पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। इस प्रक्रिया में अब उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा।
छह विषयों में संशोधित परिणाम होगा जारी
गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जन्तु विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के लिए संशोधित परिणाम जारी किया जाएगा। इसमें अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव के आधार पर वरीयता दी जाएगी। प्रत्येक वर्ष के अनुभव पर पांच अंक दिए जाएंगे, जिसकी अधिकतम सीमा 25 अंक है। पहले जारी परिणाम में 3600 से अधिक उम्मीदवार सफल घोषित किए गए थे, लेकिन अब अतिथि शिक्षकों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अतिथि शिक्षकों की काउंसलिंग पूरी, दस्तावेजों की जांच जारी
शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली है और उनके दस्तावेजों की जांच का कार्य जारी है। इस काम के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। जांच पूरी होने के बाद सूची बीपीएससी को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर संशोधित परिणाम घोषित किया जाएगा।
493 अतिथि शिक्षकों ने दी थी परीक्षा
बीपीएससी की इस परीक्षा में कुल 493 अतिथि शिक्षकों ने भाग लिया था। विभाग ने सभी को काउंसलिंग के लिए बुलाया था। अब तक 481 शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच पूरी कर ली गई है, जिसे जल्द ही बीपीएससी को भेजा जाएगा।
हाईकोर्ट का आदेश: बिना सुनवाई हटाए नहीं जा सकते अतिथि शिक्षक
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों को हटाने के आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षक को बिना सुनवाई का अवसर दिए हटाया नहीं जा सकता। इससे स्पष्ट है कि सरकार को कानूनन प्रक्रिया का पालन करना होगा।
संशोधित परिणाम से अतिथि शिक्षकों को मिलेगा लाभ
शिक्षा विभाग की इस पहल से अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव के आधार पर लाभ मिलेगा। संशोधित परिणाम में उनका समावेश होने से कई शिक्षकों को स्थायी नियुक्ति का अवसर प्राप्त होगा।



































