नई दिल्ली: इजराइल ने रमजान और पासोवर की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के अस्थायी युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। शनिवार और रविवार की आधी रात को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि मुस्लिम पवित्र माह रमजान और यहूदी पर्व पासोवर के दौरान गाजा पट्टी में युद्धविराम लागू किया जाएगा।
रमजान और पासोवर की अवधि
पवित्र महीना रमजान शनिवार से शुरू हुआ है, जो मार्च के अंत तक चलेगा, जबकि यहूदी पर्व पासोवर 12 से 20 अप्रैल तक मनाया जाएगा। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा प्रस्तावित इस योजना के तहत, युद्धविराम के पहले दिन हमास द्वारा बंधक बनाए गए 59 इजरायली नागरिकों में से लगभग आधे को रिहा किया जाएगा।
स्थायी युद्धविराम पर चर्चा जारी
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यदि स्थायी युद्धविराम पर सहमति बनती है, तो बाकी बंधकों को भी रूपरेखा की अवधि के अंत में रिहा कर दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को इसलिए बढ़ाया गया है ताकि दोनों पक्षों को मनाने के लिए अधिक समय मिल सके और स्थायी शांति वार्ता संभव हो सके।
हमास की स्थिति पर असमंजस
बयान में यह स्पष्ट किया गया कि इजराइल ने विटकॉफ के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें बंधकों की वापसी शामिल है। हालांकि, हमास की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। इजराइल ने यह भी कहा कि यदि हमास अपनी स्थिति बदलता है, तो वे तुरंत वार्ता के सभी बिंदुओं पर चर्चा शुरू कर देंगे।
समझौते के उल्लंघन का मुद्दा
इजराइल ने हमास पर समझौते के बार-बार उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि खुद को नियमों का पालन करने वाला बताया। बयान में यह भी कहा गया कि यदि इजराइल को लगेगा कि वार्ता से कोई परिणाम नहीं निकल रहा, तो वह फिर से लड़ाई शुरू कर सकता है। युद्धविराम और बंधकों की रिहाई का पहला 42-दिवसीय चरण शनिवार को समाप्त हो चुका है, और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।



































