पटना: बिहार में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले 12 लाख सरकारी नौकरियाँ दी जाएँगी। इसके अलावा, नीतीश सरकार रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ा कार्य करने जा रही है। चुनाव की घोषणा से पहले 34 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। बिहार विधान मंडल का बजट सत्र शुक्रवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं और यह महत्वपूर्ण घोषणा की।

अभिभाषण के दौरान विपक्ष का हंगामा

राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। हथकड़ी पहनकर विरोध कर रहे विपक्षी नेताओं को राज्यपाल ने शांत होने की अपील की। उन्होंने कहा, “आपका विरोध हो गया, अब बैठ जाइए।” इसके बाद कई विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर लौट गए। विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने भी वामदलों के नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील की।

सामाजिक सौहार्द और धार्मिक स्थलों की घेराबंदी

राज्यपाल ने कहा कि बिहार में सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव का माहौल कायम हुआ है। अब तक 8,000 से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी हो चुकी है, जबकि 1,000 से अधिक को चिन्हित किया गया है। इसी तरह, 518 मंदिरों की भी घेराबंदी हुई है, और 60 वर्ष से पुराने मंदिरों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

शिक्षा में प्रगति और मेडिकल कॉलेजों का विस्तार

बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी प्रगति हुई है। मैट्रिक परीक्षा में अब लड़कियों की संख्या लड़कों से अधिक हो गई है। राज्य में 3 लाख 68 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जबकि 28 हजार नियोजित शिक्षक पास हुए हैं। सरकार ने बड़े पैमाने पर नौकरियाँ देने की योजना बनाई है।

पहले बिहार में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन अब 12 नए मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं, जबकि 14 और नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। राज्य में सड़क, पुल और पुलियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। अब किसी भी कोने से पटना पहुँचने में अधिकतम 5 घंटे का समय लगता है, जिसे और कम करने की योजना पर काम हो रहा है।

विभिन्न योजनाओं का विस्तार

2018 से एससी-एसटी छात्रों को सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया जा रहा है। ग्राम परिवहन योजना को अब प्रखंड स्तर तक लागू किया गया है। अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग और छात्रवृत्ति योजना चलाई जा रही है। मुस्लिम समुदाय के मदरसों को सरकारी मान्यता भी दी जा रही है।

2008 से कृषि रोडमैप पर काम हो रहा है, जिससे धान, गेहूं और मक्का की उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है। बिहार अब मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है। राज्यपाल ने केंद्रीय बजट में बिहार के लिए घोषित योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि इससे कृषि, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूती मिलेगी।

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