खूंटी/झारखंड: बिरसा उलगुलान के शहीदों को डोंबारीबुरू में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा, तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया, पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने डोंबारीबुरू पहुंचकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और अन्य नेताओं ने भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और शहीदों की याद में स्थापित शिला पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद, उलगुलान में शहीद हुए सैकड़ों आदिवासियों के नाम पत्थलगड़ी पर पूजा की गई। भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर आदिवासी समुदाय के लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे और उनकी पूजा की।
विकास के लिए जागरूकता का संदेश
पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान छेड़कर आदिवासियों को विकास की दिशा दिखाई थी। अब हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर संविधानिक तरीके से अपने समाज और राज्य के विकास के लिए कदम उठाने होंगे।
संस्कृति और परंपरा का संरक्षण
खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा और तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखते हुए राज्य और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभानी होगी। विधायक राम सूर्या ने भगवान बिरसा मुंडा और उनके साथियों की संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए संघर्ष किया।
शिक्षा और संस्कृति पर बल
पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का आशीर्वाद लिए बिना कोई कार्य सफल नहीं हो सकता। उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से हम अपनी संस्कृति और रहन-सहन को बचा सकते हैं, क्योंकि अब यह धीरे-धीरे प्रभावित हो रही है। आदिवासी समाज को अपने पूर्वजों के दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला
इस मौके पर शहादत दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें आसपास के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। डोंबारीबुरु में मेला भी आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शहादत दिवस के कार्यक्रम में डीसी लोके मिश्रा, एसपी अमन कुमार, एसडीएम दीपेश कुमारी, झामुमो के जिलाध्यक्ष जुबैर अहमद और अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे।


































