पटना: आईएएस अधिकारी संजीव हंस से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, ईडी की टीम ने संजीव हंस के करीबी और उनकी अवैध कमाई को निवेश करने वाले व्यवसायियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
ईडी की छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम ने आज सुबह संजीव हंस के करीबी और पुल निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर के घर पर रेड मारी। पटना और गया में दो स्थानों पर छापेमारी की गई। टीम ने पुल निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर सुनील कुमार के घर और होटल में रेड की है, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की संभावना है।
संजू हंस के खिलाफ कार्रवाई
ज्ञात हो कि आय से अधिक संपत्ति और मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए आईएएस अधिकारी संजीव हंस फिलहाल बेउर जेल में बंद हैं। इसके अलावा, इसी मामले में दिल्ली से गिरफ्तार हुए राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव भी सलाखों के पीछे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पहले संजीव हंस की संपत्तियों को अटैच किया था और कुल 7 संपत्तियां जब्त की थीं।
संपत्तियों की जब्ती
प्रवर्तन निदेशालय ने संजीव हंस की संपत्तियों को दिल्ली, नागपुर और जयपुर से जब्त किया है। जब्त की गई संपत्तियों की कुल कीमत करीब 23 करोड़ 72 लाख रुपये है। ये संपत्तियां नागपुर में तीन प्लॉट, दिल्ली में एक फ्लैट और जयपुर में तीन फ्लैट्स शामिल हैं। संजीव हंस ने इन संपत्तियों को बड़ी चालाकी से अन्य लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड करवा रखा था, जिनमें ऊर्जा विभाग के ठेकेदार प्रवीण कुमार चौधरी और कोलकाता के कारोबारी पुष्पराज बजाज के नाम शामिल हैं।
































