पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव में 225 सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए जदयू ने जिला स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने हेतु सात टीमें बनाई हैं। इन टीमों में कुल 63 नेताओं को शामिल किया गया। 24 नवंबर से जदयू का महाअभियान जारी है। इसी कड़ी में मंत्री अशोक चौधरी की अगुवाई में पूर्वी चंपारण जिला कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन 15 दिसंबर को हुआ। लेकिन इस सम्मेलन में जदयू कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
घटना का विवरण
पूर्वी चंपारण में आयोजित जदयू सम्मेलन में ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार और विधान पार्षद संजय सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में मंत्री अशोक चौधरी ने अपना भाषण समाप्त किया और पोडियम से उतरकर अपनी सीट की ओर बढ़ रहे थे। उसी समय, दर्शक दीर्घा में मौजूद एक व्यक्ति कुर्सी पर खड़ा होकर शोर मचाने लगा। इसके बाद मंच पर ही जदयू कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हाथापाई शुरू हो गई।
जिलाध्यक्ष का बयान
घटना के दौरान उपस्थित मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेता तुरंत कार्यक्रम स्थल से चले गए। इस घटना पर जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने कहा, “कोई मारपीट नहीं हुई। मंच पर भीड़ बढ़ जाने से थोड़ी अफरातफरी मच गई थी।” लेकिन कार्यक्रम में गुटबाजी का असर साफ नजर आ रहा था।
घटना का कारण
जदयू कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट का कारण पार्टी के भीतर गुटबाजी बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री अशोक चौधरी का सम्मान किया जा रहा था। मंच पर कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने लगी। इसी बीच, जिलाध्यक्ष के पुत्र ने एक कार्यकर्ता को मंच से उतारने की कोशिश की, जिससे विवाद हो गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस शर्मनाक घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
मंच पर मारपीट की इस घटना ने जदयू के भीतर चल रही गुटबाजी को उजागर कर दिया है। हालांकि पार्टी इस तरह की घटनाओं को नकारने की कोशिश कर रही है, लेकिन वीडियो में दिखी वास्तविकता के चलते यह मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
































