पटना: बिहार के नए डीजीपी विनय कुमार ने कार्यभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट कर दीं। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध और अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा। कानून का राज स्थापित करना मुख्य लक्ष्य रहेगा। स्पीडी ट्रायल के जरिए मामलों का त्वरित निपटारा कर सुशासन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज होगी। हर थाने को इस दिशा में स्पष्ट टास्क दिया जाएगा।
स्पीडी ट्रायल से होगा सुशासन का मार्ग प्रशस्त
नवनियुक्त डीजीपी विनय कुमार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून के शासन को प्रभावी बनाने के लिए सभी नियमों को कड़ाई से लागू किया जाएगा। अपराधियों पर चारों ओर से शिकंजा कसा जाएगा। खासकर स्पीडी ट्रायल को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतीत में स्पीडी ट्रायल ने कानून व्यवस्था बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। चिन्हित मामलों में, जहाँ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि अपराधियों को जल्द सजा मिले और कानून का डर बना रहे।
अवैध संपत्तियों पर कसा जाएगा शिकंजा
डीजीपी ने कहा कि नए कानून BNSS के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान किया गया है। पहले, इस तरह के मामले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजे जाते थे, लेकिन अब पुलिस खुद ऐसे मामलों में कार्रवाई करेगी। हर थाने को यह निर्देश दिया जाएगा कि कम से कम एक-दो मामलों को चिन्हित कर संपत्तियों को जब्त किया जाए। यह प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की जाएगी। अब पुलिस अपराधियों की संपत्ति अटैच कर सकेगी, जिससे कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
नए डीजीपी का स्पष्ट संदेश
विनय कुमार ने साफ कहा कि अपराधियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। कानून का राज स्थापित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। अपराधियों पर हर दिशा से प्रहार कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।
































