पटना: बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) एस. सिद्धार्थ के नए आदेश ने राज्य के सरकारी स्कूलों में हड़कंप मचा दिया है। एसीएस अब प्रतिदिन 10 सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक मोबाइल नंबर भी जारी किया है। आज सुबह दूसरे दिन उन्होंने शिक्षकों से कॉल पर बात की, जिससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर हुई।
कटिहार के स्कूल का निरीक्षण
एसीएस एस. सिद्धार्थ ने आज कटिहार जिले के नावकोठी के एक स्कूल में वीडियो कॉल किया। वहां की स्थिति देखकर वह हैरान रह गए। छात्रों को क्लासरूम में नहीं, बल्कि बाहर मैदान में दरी पर बैठकर पढ़ाया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह थी कि सभी कक्षाओं के छात्रों को एक ही स्थान पर बैठाया गया था, जबकि प्राइमरी स्कूल में अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को अलग जगह बैठाया जाना चाहिए।
शिक्षक से सवाल-जवाब
वीडियो कॉल के दौरान एसीएस ने पूछा कि यह कौन सा स्कूल है। जवाब में बताया गया कि यह नवा टोली स्कूल है। उन्होंने शिक्षक से कहा कि स्कूल के क्लासरूम दिखाएं। शिक्षक ने कहा कि पढ़ाई चल रही है। जब कक्षा 3 दिखाई गई, तो बच्चे जमीन पर बैठे नजर आए।
ACS का सवाल: बच्चे जमीन पर क्यों?
एस. सिद्धार्थ ने सवाल किया कि बच्चे जमीन पर क्यों बैठे हैं। शिक्षक ने जवाब दिया कि स्कूल में बिल्डिंग नहीं बनी है। बच्चों के लिए बेंच-डेस्क या कोई अन्य सुविधा नहीं मिली है।
ग्रामीणों की मदद से बनी इमारत
एस. सिद्धार्थ ने स्कूल के पास एक इमारत देखी। जब उन्होंने पूछा, तो शिक्षक ने बताया कि वह इमारत ग्रामीणों के सहयोग से बनी है।
धान की फसल और शिक्षकों की अनुपस्थिति
एसीएस ने देखा कि स्कूल के मैदान में धान की फसल रखी गई है। हेडमास्टर ने बताया कि ग्रामीणों ने स्कूल बंद होने के बाद वहां धान रख दिया और उन्हें हटाने को कहा गया है। स्कूल में 6 शिक्षक होने की जानकारी दी गई, लेकिन बताया गया कि उनमें से एक अनुपस्थित हैं।
निरीक्षण का आदेश
इस पूरी चर्चा के बाद एसीएस ने कहा कि वह वहां निरीक्षण के लिए अधिकारियों को भेजेंगे।



































