पटना: पटना में शंकरा नेत्रालय की स्थापना को लेकर शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग और शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयंबटूर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। अब कंकड़बाग क्षेत्र में इस विश्व स्तरीय नेत्र अस्पताल का निर्माण संभव हो गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया अहम फैसला
3 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में इस नेत्र अस्पताल के निर्माण का निर्णय लिया गया था। इस अस्पताल का निर्माण शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 1.6 एकड़ जमीन को 99 साल की लीज पर देने का फैसला लिया गया है। अस्पताल निर्माण के लिए राज्य आवास बोर्ड को 48 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
18 महीने में बनकर तैयार होगा अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना के तहत जमीन को नामांकन के आधार पर शंकरा आई फाउंडेशन को 99 वर्षों के लिए मात्र एक रुपये टोकन राशि पर हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी है। इस अत्याधुनिक नेत्र अस्पताल को 18 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने इसे बताया बड़ी उपलब्धि
इस मौके पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के त्वरित निर्णय से यह संभव हो पाया। आने वाले समय में यह अस्पताल बिहारवासियों को एक बड़ी सौगात के रूप में मिलेगा।
कंकड़बाग में बनेगा अत्याधुनिक नेत्र अस्पताल
अस्पताल के लिए पटना के कंकड़बाग क्षेत्र में राज्य आवास बोर्ड की 1.6 एकड़ भूमि को चिन्हित किया गया है। इसे स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से शंकरा आई फाउंडेशन को सशर्त हस्तांतरित किया गया है। इस अस्पताल के निर्माण से बिहार और आसपास के राज्यों के मरीजों को बेहतरीन नेत्र चिकित्सा सेवाएं मिलेंगी।
































