पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला संवाद कार्यक्रम पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। इस बयान को लेकर बीजेपी और जेडीयू ने तीखा विरोध जताया है। सत्ता पक्ष की ओर से इस बयान की कड़ी आलोचना की जा रही है। इस बीच पटना में जेडीयू महिला प्रकोष्ठ ने लालू यादव के खिलाफ विरोध मार्च निकाला।

पटना में लालू के बयान पर विरोध प्रदर्शन
जेडीयू महिला प्रकोष्ठ ने पटना में जेडीयू कार्यालय से इनकम टैक्स गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान महिला नेत्रियों ने बैनर और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की और लालू प्रसाद यादव से माफी की मांग की। उनका कहना था कि लालू यादव, जो खुद 7 बेटियों के पिता हैं, ने ऐसा शर्मनाक बयान देकर महिलाओं का अपमान किया है।
जेडीयू प्रवक्ताओं का बयान
जेडीयू प्रवक्ता भारती मेहता ने कहा, “लालू प्रसाद यादव ने बिहार की बेटियों के लिए अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए। यह उनकी भाषाई असंवेदनशीलता और दिवालियापन को दर्शाता है।” जेडीयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा, “लालू यादव का बयान निंदनीय है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं और उनसे महिलाओं से माफी की मांग करते हैं।”
क्या कहा था लालू यादव ने?
लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को पत्रकारों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि “नीतीश कुमार आंख सेंकने जा रहे हैं, जाने दीजिए।”
बीजेपी और जेडीयू का कड़ा पलटवार
इस बयान के बाद बीजेपी और जेडीयू ने लालू पर तीखा हमला बोला। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू को मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार बताते हुए उन्हें कोईलवर के मानसिक अस्पताल भेजने की बात कही। वहीं, जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव की भाषा अब राजनीतिक मर्यादा की सीमा से बाहर हो गई है।































