पटना: अगले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियां बना रहे हैं। राजद और जदयू के बड़े नेता जनता का मूड समझने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में दौरे कर रहे हैं। इस बीच महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस ने तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस ने कहा है कि अगर चुनाव में महागठबंधन को बहुमत मिलता है, तो सरकार में कांग्रेस के दो डिप्टी सीएम होने चाहिए।

कांग्रेस प्रभारी का बयान और नया प्रस्ताव

बिहार कांग्रेस के प्रभारी शहनवाज आलम ने कहा है कि महागठबंधन सरकार बनने पर तेजस्वी यादव को कांग्रेस से दो डिप्टी सीएम बनाने चाहिए। इनमें एक मुसलमान और दूसरा सामान्य वर्ग से होना चाहिए। इस बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है।

जेडीयू का पलटवार

कांग्रेस के इस बयान पर जेडीयू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू ने कहा कि कांग्रेस को अब मुसलमानों की याद आ रही है, जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और असम जैसे राज्यों में पार्टी ने मुसलमान नेताओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने गुलाम नबी आजाद जैसे नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का उदाहरण दिया। जेडीयू ने कांग्रेस पर भागलपुर दंगे का दोष भी मढ़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में मुसलमानों को नुकसान हुआ और अल्पसंख्यक अब नीतीश कुमार का समर्थन कर रहे हैं।

कांग्रेस की स्थिति और उपचुनाव का परिणाम

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 19 विधायक जीते थे, लेकिन सरकार बदलने के बाद पार्टी को कई झटके लगे और उसके विधायकों की संख्या कम हो गई। इस बार उपचुनाव में कांग्रेस राजद के लिए ज्यादा मददगार नहीं रही। इसके परिणामस्वरूप चारों सीटें एनडीए ने जीतीं। कांग्रेस के इस नए बयान से तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य दलों के लिए आगे की रणनीति तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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