CM नीतीश कुमार
CM नीतीश कुमार

पटना: बिहार सरकार के एक हालिया निर्णय के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। इस बार खुद सरकारी अधिकारियों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। बिहार राजस्व सेवा संघ ने इस फैसले को अनुचित ठहराते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। संघ का आरोप है कि यह निर्णय BASA (बिहार प्रशासनिक सेवा संघ) के दबाव में लिया गया है, जिससे राजस्व सेवा के अधिकारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

गजट पर बवाल, सरकार से आदेश वापस लेने की मांग

सामान्य प्रशासन विभाग के गजट में साफ कहा गया है कि अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, वरीय उपसमाहर्ता, और जिला पंचायत राज पदाधिकारी जैसे पदों पर बिहार प्रशासनिक सेवा संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती होगी। यह गजट 5 दिसंबर 2024 को सरकार के अपर सचिव संजय कुमार द्वारा जारी किया गया। इस निर्णय के खिलाफ बिहार राजस्व सेवा संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि भूमि सुधार उपसमाहर्ता के पदों पर केवल राजस्व सेवा के अधिकारियों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए।

राजस्व सेवा संघ ने उठाई आवाज

राजस्व सेवा संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखते हुए मांग की है कि राजस्व सेवा संवर्ग से नवप्रोन्नत अधिकारियों को भूमि सुधार उपसमाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, और अन्य समकक्ष पदों पर तुरंत नियुक्त किया जाए। संघ ने यह भी कहा है कि अन्य संवर्गों के अधिकारियों की तदर्थ नियुक्ति की परंपरा खत्म होनी चाहिए। इसके साथ ही, गजट में संशोधन कर पूर्व की नीतियों के तहत नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं।

मंत्री ने भी मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बिहार राजस्व सेवा संघ ने यह भी उल्लेख किया है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री ने 19 जून 2024 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान देने का अनुरोध किया था। संघ ने जोर दिया है कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और राजस्व सेवा के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

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