पटना: नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संवाद यात्रा पर सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों को तानाशाही करार दिया। तेजस्वी ने इसे निंदनीय और बर्बरतापूर्ण बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
तेजस्वी ने सरकार से पूछे पांच सवाल
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज भाजपा-नीतीश सरकार की अहंकारपूर्ण तानाशाही का प्रतीक है। मुख्यमंत्री अपनी तथाकथित ₹225 करोड़ की संवाद यात्रा शुरू करने से पहले यह बताएं:
1. क्या छात्रों से संवाद करना उनकी सरकार के लिए कठिन है?
2. क्या सर्वर की समस्या को स्वीकारते हुए आवेदन की तिथि बढ़ाना असंभव है?
3. क्या पेपरलीक और कदाचार मुक्त परीक्षा की मांग अनुचित है?
4. क्या सरकार का रवैया यह संकेत देता है कि परीक्षा मात्र औपचारिकता है?
5. आयोग से स्पष्टीकरण मांगना क्या गलत है?”
छात्रों को मिल रहा कोचिंग शिक्षकों का समर्थन
बीपीएससी अभ्यर्थी नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन को खान सर और गुरु रहमान जैसे चर्चित कोचिंग शिक्षकों का भी समर्थन मिल रहा है। छात्रों पर हुए लाठीचार्ज में कई घायल हुए हैं, जिससे यह प्रदर्शन और उग्र हो गया है।
बीपीएससी ने दिया स्पष्टीकरण
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने छात्रों की मांगों और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों को खारिज किया। आयोग ने कहा, “70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाए जाने की कोई योजना नहीं थी। यह अफवाह कोचिंग संचालकों और छात्र नेताओं द्वारा फैलाई गई है।”
परीक्षा शेड्यूल में बदलाव नहीं
आयोग ने साफ किया कि परीक्षा पूर्व निर्धारित तिथि 13 दिसंबर 2024 को आयोजित होगी और नॉर्मलाइजेशन जैसी प्रक्रिया लागू नहीं होगी। परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने के लिए मल्टीसेट पेपर का प्रावधान किया गया है।
आयोग ने की अभ्यर्थियों से शांति की अपील
आयोग ने कहा, “अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवेदन की तिथि 4 नवंबर 2024 तक बढ़ाई गई थी। परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी। छात्र शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा में भाग लें और अफवाहों पर ध्यान न दें।”
लाठीचार्ज और नॉर्मलाइजेशन को लेकर विवाद ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है, जबकि आयोग ने अपनी प्रक्रिया को सही ठहराते हुए छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
































