पटना: बिहार में ‘खान सर’ को लेकर विवाद गरमा गया है। चर्चा है कि शुक्रवार को नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया। 6 दिसंबर को Khan Global Studies नामक X हैंडल पर इस संबंध में एक पोस्ट की गई। इसमें खान सर की तस्वीर के साथ लिखा था, ‘छात्रों के अधिकार के लिए लड़ने वाले खान सर गिरफ्तार हुए हैं।’
पोस्ट डिलीट होने की घटना
उसी अकाउंट से गिरफ्तारी की खबर दोबारा पोस्ट की गई। हालांकि, जब पटना पुलिस ने स्पष्ट किया कि खान सर की गिरफ्तारी नहीं हुई है, तो यह पोस्ट 7 दिसंबर की सुबह डिलीट कर दी गई।
पटना पुलिस का बयान
पटना पुलिस ने इस मामले को तथ्यहीन, भ्रामक और भड़काऊ करार दिया। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी ने भी पुष्टि की कि खान सर की गिरफ्तारी की खबर पूरी तरह अफवाह है।
पुलिस द्वारा सुरक्षित छोड़ा गया
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान खान सर खुद गर्दनीबाग थाने पहुंचे और मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। छात्रों को समझाने के लिए उन्होंने आश्वासन दिया। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, पुलिस ने उन्हें अटल पथ तक उनके वाहन तक सुरक्षित पहुंचाया। इसे गिरफ्तारी का मामला नहीं माना गया।
‘रिहाई की खबर क्यों?’
पटना पुलिस द्वारा खंडन के बाद Khan Global Studies ने दावा किया कि खान सर को बीपीएससी की नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद रिहा कर दिया गया। इस पर सवाल उठता है कि जब गिरफ्तारी नहीं हुई, तो रिहाई कैसे हुई?
हिरासत और गिरफ्तारी का अंतर
किसी व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने लाना हिरासत कहलाता है। इसे हाजत में नहीं रखा जाता और पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाता है। वहीं, गिरफ्तारी के लिए आरोप और वारंट आवश्यक होता है।
पूरा मामला
शुक्रवार को पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों ने नॉर्मलाइजेशन हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ। खान सर और गुरु रहमान छात्रों का समर्थन करते नजर आए।
बीपीएससी पर आरोप
खान सर ने बीपीएससी पर नॉर्मलाइजेशन थोपने का आरोप लगाते हुए बैठक का ऑफिसियल वीडियो जारी करने की मांग की। इस दौरान खबर फैली कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
‘हिरासत में लेने की अपील’
वीडियो में खान सर पुलिस अधिकारियों से घिरे नजर आए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए वे बीपीएससी कार्यालय जाएंगे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उन्होंने कहा, ‘आप हमें हिरासत में ले लें, लेकिन बच्चों के लिए हमें जाना होगा।’
बीपीएससी की नोटिफिकेशन
बीपीएससी ने नॉर्मलाइजेशन लागू नहीं करने की घोषणा की। 13 दिसंबर को परीक्षा का आयोजन एकल पाली में दोपहर 12 से 2 बजे तक किया जाएगा।
नॉर्मलाइजेशन का मुद्दा
नॉर्मलाइजेशन का इस्तेमाल तब होता है जब दो पालियों में परीक्षा होती है। कठिनाई स्तर के अंतर को संतुलित करने के लिए दोनों पालियों के औसत अंकों का समायोजन किया जाता है।
समस्या क्या है?
प्रथम पाली के कठिन प्रश्नों और द्वितीय पाली के आसान प्रश्नों के कारण, अधिक कठिनाई का सामना करने वालों के साथ अन्याय हो सकता है। इसका सीधा असर योग्य अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर पड़ता है।
































