पटना: बिहार में इस साल लागू की गई आईटी नीति के बाद, 30 से अधिक कंपनियों ने अब तक 1500 करोड़ रुपये निवेश की इच्छा जताई है। शुक्रवार को राजधानी पटना के होटल मौर्या में आयोजित आईटी कॉन्क्लेव में भी 470 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। इनमें से सबसे बड़ा 300 करोड़ रुपये का प्रस्ताव होलोवेयर कंपनी की ओर से आया। यह कार्यक्रम इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के सहयोग से आयोजित किया गया था।
आईटी नीति 2024 का लाभ उठाने की अपील
कार्यक्रम में विशेष सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने आईटी कंपनियों से बिहार की आईटी नीति 2024 का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि बिहार में अब परचेज प्रेफरेंस पॉलिसी लागू कर दी गई है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल पॉलिसी, टेक्सटाइल एंड लेदर पॉलिसी, और स्टार्टअप पॉलिसी जैसी योजनाएं भी मौजूद हैं। अब व्यापार समुदाय की जिम्मेदारी है कि वे इनका फायदा उठाते हुए अधिक निवेश करें।
मार्च 2025 तक 4000 करोड़ का लक्ष्य
विशेष सचिव ने मार्च 2025 तक आईटी कंपनियों से 4000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि बिहार अब “ब्रेन ड्रेन” से “ब्रेन रिगेन” की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल की चर्चा की।
युवा शक्ति और रिवर्स ब्रेन ड्रेन
आईसीसी के प्रांतीय अध्यक्ष प्रभात कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और बिहार उसका सबसे युवा राज्य। उन्होंने जोर दिया कि राज्य में रिवर्स ब्रेन ड्रेन की शुरुआत हो चुकी है।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता
इस कॉन्क्लेव में सी-डैक के निदेशक आदित्य सिन्हा, होलोवेयर सॉफ्टवेयर कंपनी के सीईओ राघवेंद्र गणेश एस, बीसेंट्रिक कंपनी के अलख वर्मा और रितेश आनंद सहित कई अन्य प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
आईटी कंपनियों का काम
1. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट: मोबाइल ऐप्स, वेब ऐप्स, और डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर का विकास।
2. हार्डवेयर डेवलपमेंट: कंप्यूटर, सर्वर, और नेटवर्किंग उपकरणों का निर्माण।
3. नेटवर्किंग और साइबर सुरक्षा: नेटवर्क प्रबंधन और साइबर सुरक्षा सेवाएं।
4. डेटा एनालिटिक्स और बिजनेस इंटेलिजेंस: डेटा विश्लेषण और व्यवसायिक निर्णय सहायता।
5. क्लाउड कंप्यूटिंग: क्लाउड प्लेटफॉर्म और प्रबंधन सेवाएं।
6. ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग सेवाएं।
7. आईटी कंसल्टिंग और आउटसोर्सिंग: आईटी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजी सेवाएं।
यह प्रयास बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
































