पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है और राजनीतिक दलों ने यात्राओं का सिलसिला शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा पर निकले हैं। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 15 दिसंबर से महिला संवाद यात्रा पर निकलेंगे। मुख्यमंत्री की इस यात्रा के लिए 225 करोड़ रुपये की राशि कैबिनेट से स्वीकृत की गई है, जिसे लेकर तेजस्वी यादव लगातार हमलावर हैं।
खर्च पर तेजस्वी का हमला

गुरुवार 5 दिसंबर को खगड़िया में कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा पर निशाना साधा। कोशी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “अपनी ही जनता से संवाद करने के लिए ढाई सौ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री की नहीं, बल्कि अधिकारियों के लिए लूट की छूट है।”
विशेष राज्य दर्जे की मांग पर सवाल
तेजस्वी यादव ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न मिलने पर भी नीतीश कुमार को घेरा। उन्होंने कहा, “बिहार में एनडीए की सरकार है और केंद्र में भी बीजेपी की सरकार नीतीश कुमार के सहयोग से चल रही है। फिर भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल रहा। आखिर यह कब मिलेगा?”
तेजस्वी की यात्रा का उद्देश्य

तेजस्वी यादव ने अपनी यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पूरे बिहार में जमीनी स्तर के नेताओं से संवाद कर रहा है। इसका मकसद पार्टी और संगठन को मजबूत बनाना है। वरिष्ठ नेता अपने अनुभव साझा कर रहे हैं, जबकि कार्यकर्ताओं से उनके सुझाव लिए जा रहे हैं।
यूपी सरकार पर आलोचना
तेजस्वी ने उत्तर प्रदेश की सरकार और पुलिस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के बजाय गुंडागर्दी कर रही है और तनाव फैलाने में लगी है। राहुल गांधी के मुद्दे पर भी उन्होंने यूपी सरकार को आड़े हाथ लिया।
































