पटना: बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य तीव्र गति से जारी है। रैयतों के साथ-साथ राज्य सरकार भी सरकारी भूमि की पहचान और सत्यापन में जुटी हुई है। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के समाहर्ताओं (DM) को 15 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
मुख्य सचिव के आदेशों का पालन करें
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने समाहर्ताओं को एक पत्र लिखा है। इसमें ऑनलाइन उपलब्ध सरकारी भूमि की सूची का सत्यापन करने के लिए कहा गया है। सचिव ने निर्देश दिया है कि सत्यापन के उपरांत 15 दिसंबर तक प्रतिवेदन विभाग को भेजा जाए। इस पत्र में मुख्य सचिव के निर्देशों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
प्रत्येक समाहर्ता के लिए आवश्यक कार्य
सचिव ने निर्देश दिया है कि सभी समाहर्ता प्रत्येक राजस्व ग्राम में स्थित 5 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाली सरकारी भूमि के खेसरा का सत्यापन सुनिश्चित करें। सत्यापन के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उस भूमि का वर्तमान में क्या उपयोग हो रहा है। अंचलवार प्रत्येक राजस्व ग्राम की विवरणी तैयार की जाए और जिलावार खाली पड़ी सरकारी भूमि का समेकित विवरण बनाया जाए। इसमें जल संसाधन विभाग और अन्य विभागों की अनुपयोगी भूमि को भी शामिल किया जाए।
लैंड बैंक के लिए डेटाबेस तैयार करें
सभी सरकारी भूमि का विवरण एकत्र कर इसे लैंड बैंक के रूप में उपयोग में लाया जाए। सर्वेक्षण के बाद इस डेटाबेस को अन्य विभागों के साथ साझा किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि यह कार्य दिसंबर महीने के भीतर पूरा हो।
































