पटना: लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास (लोजपा रामविलास) के सुप्रीमो चिराग पासवान को बड़ा झटका लगा है। हाल ही में लोकसभा में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, गया जिले की युवा विंग की पूरी कमेटी ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से पार्टी से जुड़े रहे हैं, लेकिन अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

पार्टी में सम्मान की कमी

युवा विंग के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पार्टी में नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर केवल एक खास वर्ग के लोगों को तरजीह दी जाती है। चिराग पासवान भले ही “बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट” का नारा देते हों, लेकिन जमीनी स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जाता है।

नेतृत्व से संवादहीनता

जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक उनकी समस्याओं को पहुंचाने वाला कोई नहीं है। बेलागंज में एक विवाद के दौरान चिराग पासवान ने हस्तक्षेप किया, लेकिन टिकारी में एक हत्या के मामले में पार्टी का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।

व्यक्तिगत परेशानियों पर ध्यान नहीं

युवा विंग के नेताओं ने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत समस्याओं पर भी पार्टी से कोई सहयोग नहीं मिलता। एक नेता की मां गंभीर बीमार थीं और एम्स में भर्ती थीं, लेकिन पार्टी की ओर से किसी ने मदद नहीं की।

पार्टी छोड़ने की वजह

मुकेश कुमार ने कहा, “चिराग पासवान का नारा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। बिहार में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उपेक्षित किया जा रहा है। प्रदेश स्तर पर कोई संवाद नहीं है और सिर्फ खास पक्ष के लिए काम किया जा रहा है। यही कारण है कि हमने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है।”

गया जिले में लोजपा रामविलास की युवा विंग के सामूहिक इस्तीफे ने पार्टी के अंदर गहरे असंतोष को उजागर किया है। यह घटना चिराग पासवान की पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देखी जा रही है।

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