रांची/झारखंड: हेमंत सोरेन चौथी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी अगुवाई में इंडिया गठबंधन ने 81 में से 56 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। इस ऐतिहासिक अवसर को मेगा इवेंट की तरह मनाने की तैयारी हो रही है। 28 नवंबर को शाम 4 बजे रांची के मोरहाबादी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। हेमंत सोरेन को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शपथ दिलाएंगे। इस मौके पर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल, तेजस्वी यादव सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
अकेले शपथ लेने का कारण
हेमंत सोरेन ने अकेले शपथ लेने का फैसला लिया है क्योंकि अभी तक कैबिनेट का स्वरूप तय नहीं हुआ है। गठबंधन के सहयोगियों को संतुष्ट रखना उनकी प्राथमिकता है। इससे पहले भी 4 जुलाई 2024 को जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अकेले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तब कैबिनेट का विस्तार फ्लोर टेस्ट के बाद किया गया था। इस बार भी इंडिया गठबंधन की बड़ी जीत के बाद वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि शपथ ग्रहण समारोह में एकता का संदेश जाए।
सीट शेयरिंग का मुद्दा
अभी तक सीट शेयरिंग का फार्मूला सार्वजनिक नहीं किया गया है। गठबंधन में भाकपा माले का कैबिनेट में शामिल होना तय नहीं है। 1 या 2 दिसंबर तक इस पर फैसला हो सकता है। यदि भाकपा माले सरकार में शामिल होती है तो झामुमो को अपने हिस्से का एक मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। झारखंड में अधिकतम 12 मंत्री बनाए जा सकते हैं। 2019 में झामुमो, कांग्रेस और राजद ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उस समय झामुमो को सीएम समेत सात, कांग्रेस को चार और राजद को एक मंत्री पद मिला था।
































