पटना: मुजफ्फरपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुंगेर से जेडीयू सांसद और मंत्री ललन सिंह के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर हुआ है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की तारीख भी तय कर दी है। इस मामले पर अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी।

अल्पसंख्यक समुदाय पर बयान बना विवाद का कारण

दरअसल, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने हाल ही में मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बिहार में पहले अल्पसंख्यक समुदाय की स्थिति ठीक नहीं थी। लालू-राबड़ी के शासन में मदरसा शिक्षकों को केवल तीन-चार हजार रुपये मिलते थे। लेकिन अब उन्हें सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाता है।

ललन सिंह ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नीतीश कुमार को वोट नहीं देते। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हम यह नहीं मानते कि पहले वोट नहीं मिलता था और अब मिलेगा। लेकिन नीतीश कुमार ने हमेशा हर समुदाय के विकास के लिए काम किया है, चाहे वह वोट दें या न दें।”

नीतीश कुमार की सोच का दिया उदाहरण

ललन सिंह ने अपने बयान में कहा कि नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए जो काम किया है, वह पूरे देश में एक मिसाल है। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के काम की तुलना देश के इतिहास में नहीं की जा सकती। उन्होंने हर वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है।”

कोर्ट में परिवाद दायर, सुनवाई 4 दिसंबर को

इसी बयान को लेकर मुजफ्फरपुर के अहियापुर के निवासी तमन्ना हाशमी ने ललन सिंह के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दायर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ललन सिंह के बयान से अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। इस मामले पर कोर्ट ने 4 दिसंबर को सुनवाई करने का फैसला किया है। वहीं अब सभी की नजरें इस मामले की सुनवाई पर टिकी हैं।

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