रांची/झारखंड: झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने झारखंड विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता पर अपनी पकड़ बरकरार रखी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का शपथ ग्रहण समारोह 28 नवंबर को रांची में आयोजित होगा। समारोह में विपक्ष के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की संभावना है।

कांग्रेस में मंत्री पदों को लेकर बढ़ी हलचल

गठबंधन सरकार में कांग्रेस कोटे से चार मंत्री बनाए जाने की संभावना के चलते पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों के बीच लॉबिंग तेज हो गई है। कई विधायक इस संबंध में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में डेरा डाले हुए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित करने के लिए दिल्ली का दौरा किया।

कांग्रेस के मंत्रियों के नामों पर चर्चा

कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने पुष्टि की है कि पार्टी के शीर्ष नेता समारोह में शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही, कांग्रेस कोटे से कैबिनेट में शामिल होने वाले विधायकों के नामों को भी अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।

गठबंधन की जीत: भाजपा की राजनीति को चुनौती

झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन की जीत ने भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति को करारा जवाब दिया है। गुलाम अहमद मीर ने कहा कि विकास और कल्याण योजनाओं के चलते गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की।

कांग्रेस को कैबिनेट में मिलेगी अहम भूमिका

कांग्रेस ने इस बार 16 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की है। सूत्रों के मुताबिक, बन्ना गुप्ता, अजय कुमार, और अंबा प्रसाद जैसे पुराने चेहरों की जगह नए विधायकों को मंत्री पद दिया जा सकता है।

भाजपा की रणनीतियों पर प्रहार

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने पिछली सरकार को गिराने की कोशिश की थी, लेकिन जनता ने भाजपा की नीतियों को नकार दिया। राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा के लिए यह परिणाम एक बड़ा संदेश है।

पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर

कांग्रेस ने वादा किया है कि वह जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेगी और पार्टी संगठन को और सशक्त बनाएगी। साथ ही, यह सुनिश्चित करेगी कि गठबंधन की सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम करे।

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