पटना: नौकरी के बदले जमीन (लैंड फॉर जॉब) मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। मंगलवार को सीबीआई ने इस मामले में 30 लोक सेवकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। एक और लोक सेवक के खिलाफ चार्जशीट दायर होने का इंतजार है। सीबीआई ने कोर्ट से बाकी आरोपियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा था।
कोर्ट का निर्देश: मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाएं
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने पहले ही लालू प्रसाद यादव के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दाखिल कर दी थी। गृह मंत्रालय ने इस मामले में लालू यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है, जिसकी जानकारी सीबीआई ने कोर्ट को दी है।
लालू पर आरोप: रेल मंत्री रहते नियमों की अनदेखी
2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि उन्होंने ग्रुप डी की नौकरियों में नियमों को नजरअंदाज करते हुए लोगों से जमीन अपने नाम पर लिखवाकर नौकरी दी। इस मामले की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं। इससे पहले 18 सितंबर को ईडी ने लालू यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और अन्य आरोपियों को समन भेजा था।
नए आरोपियों को कोर्ट का समन
इस केस में कोर्ट ने हाल ही में अखिलेश्वर सिंह और उनकी पत्नी किरण देवी को भी समन भेजा है। अदालत ने अभियोजन की मंजूरी को लेकर अधिकारियों को लालू यादव समेत 32 लोक सेवकों पर निर्णय लेने का आदेश दिया था।
पहले दाखिल चार्जशीट और जमानत
सीबीआई ने 7 जून को लालू यादव और 77 अन्य आरोपियों के खिलाफ पहला आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें 38 उम्मीदवार भी शामिल थे। 4 अक्टूबर 2023 को अदालत ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य को नए आरोपपत्र पर जमानत दे दी थी। दूसरे आरोपपत्र में 17 आरोपित शामिल हैं, जिनमें रेलवे के तत्कालीन महाप्रबंधक और दो मुख्य कार्मिक अधिकारी भी हैं।
































