पटना: उपचुनाव में चार सीटों पर मिली करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार दौरे की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि 2025 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से सक्रिय होने का समय आ गया है, ताकि पार्टी का प्रदर्शन बेहतर हो सके। शीतकालीन सत्र के बाद तेजस्वी अपनी अधूरी कार्यकर्ता आभार यात्रा को पूरा करेंगे।
विधायकों को मिला टास्क
सोमवार को आयोजित आरजेडी विधायक दल की बैठक में तेजस्वी यादव ने पार्टी विधायकों को निर्देश दिया कि शीतकालीन सत्र के तुरंत बाद दिसंबर में क्षेत्र का दौरा करें। उन्होंने कहा, “लोगों से मिलिए और आरजेडी को बूथ स्तर पर मजबूत करें। जितना अधिक संभव हो, जनता को पार्टी से जोड़ें।”
तेजस्वी ने स्पष्ट कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र में ऐसा काम करना होगा, जिससे वे दोबारा सदन में पहुंच सकें। हालांकि, सूत्रों की मानें तो उपचुनाव में पार्टी की हार पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। यात्रा का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।
यात्राएं पूरी न करने के आरोपों पर फोकस
तेजस्वी यादव पर अक्सर यह आरोप लगता है कि वे अपनी यात्राएं अधूरी छोड़ देते हैं। संभवतः इस बार वे अपनी कार्यकर्ता आभार यात्रा को पूरा करने का प्रयास करेंगे। इससे पहले की आभार यात्रा के दौरान पार्टी ने गाइडलाइन्स जारी की थीं, जिसमें कार्यकर्ताओं और नेताओं को सेल्फी लेने की मनाही थी। मीडिया की एंट्री पर भी रोक थी।
शपथ ग्रहण समारोह में रहेंगे शामिल
तेजस्वी यादव 28 नवंबर को शीतकालीन सत्र में अनुपस्थित रहेंगे। वे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए रांची जाएंगे। मोहराबादी मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता शामिल होंगे। यह कार्यक्रम विपक्षी दलों के नेताओं के मिलने का मौका भी होगा।
































