रांची/झारखंड: झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान से पहले चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है। अब सबकी निगाहें 20 नवंबर (बुधवार) को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। इस चरण में झारखंड के कई दिग्गज नेताओं की किस्मत का फैसला जनता करने वाली है।
कौन से प्रमुख नेता मैदान में हैं?
इस चुनाव के जरिए जिन प्रमुख नेताओं का भविष्य तय होगा, उनमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन, बाबूलाल मरांडी, सुदेश महतो, रवींद्रनाथ महतो, दीपिका पांडे सिंह, हफीजुल हसन, सीता सोरेन और बसंत सोरेन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इस चरण में झारखंड की 38 सीटों पर मतदान होगा, जिनमें संथाल क्षेत्र की 18 सीटें शामिल हैं। कुल मिलाकर 528 उम्मीदवार इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 472 पुरुष, 55 महिलाएं और एक थर्ड जेंडर उम्मीदवार भी है।
दूसरे एवं अंतिम चरण का चुनावी रण
अंतिम चरण में कुल 38 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें 27 सामान्य, 3 एससी और 8 एसटी कोटे की सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर राष्ट्रीय दलों से 73, राज्य के क्षेत्रीय दलों से 28, अन्य क्षेत्रीय दलों से 34, आरयूपीपी से 136 और निर्दलीय 257 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। धनवार सीट पर सबसे अधिक 24 प्रत्याशी हैं, जबकि देवघर (एससी सुरक्षित) सीट पर केवल 7 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव आयोग की व्यापक तैयारियां
चुनाव आयोग ने मतदान की व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। इस चरण में कुल 14,218 मतदान केंद्र होंगे, जिनमें 2,414 शहरी और 11,804 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। महिला संचालित बूथों की संख्या 239 होगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 871 वोटर होंगे। मतदान के लिए कुल 17,062 कंट्रोल यूनिट, 22,217 बैलेट यूनिट और 18,483 वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस के जवानों को तैनात किया जाएगा।
सुरक्षा और संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान
चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं, साथ ही राज्य पुलिस भी चुनाव के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि नक्सल प्रभावित और बॉर्डर क्षेत्रों में विशेष चौकसी रखी जाएगी। उनका दावा है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग पूरी तरह से तैयार है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं।
झारखंड का राजनीतिक भविष्य तय होगा
झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान राज्य के राजनीतिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। संथाल से लेकर कोयलांचल तक की सीटों पर राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, क्योंकि ये सीटें राज्य की राजनीतिक दिशा निर्धारित करने वाली हैं।































