पटना: केंद्र सरकार ने राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के अनुरोध पर इस वित्तीय वर्ष में दो लाख अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्वीकृति का आश्वासन दिया है। संभवतः आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (2025) को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
वास्तव में, बिहार ने केंद्र से इस वित्तीय वर्ष में 6.50 लाख प्रधानमंत्री आवास की मांग की थी, लेकिन अब तक केवल 2.60 लाख आवास की स्वीकृति प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने शेष 3.90 लाख आवासों के मुकाबले दो लाख और आवास इस वित्तीय वर्ष में देने का भरोसा जताया है।
केंद्र की उदारता और बढ़ती मांग
इससे पहले पिछले दो वर्षों में, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के लिए बिहार को कोई नया लक्ष्य नहीं दिया था, जिसके कारण दावेदारों की संख्या 13.50 लाख से अधिक हो गई है। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 की प्रतीक्षा सूची शामिल है।
38 लाख से ज्यादा को मिला लाभ
राजग सरकार ने 2016-17 से लेकर अब तक बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 38 लाख से अधिक गरीबों को पक्के घर दिए हैं। अगर शहरी क्षेत्र की बात करें तो पिछले 10 वर्षों में कुल 1.5 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ मिला है।
नए लाभार्थियों के लिए सर्वे और सूची तैयार
अगले चरण में नए लाभार्थियों को लाभ देने के लिए सर्वे किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी, जिससे और अधिक परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सके।
लाभार्थियों को मिलेगी दोगुनी राशि
अब राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीएलसी और साझेदारी (AHP) घटक में प्रति आवासीय इकाई के लाभार्थियों को एक लाख रुपये की सहायता राशि देगी। पहले यह राशि 50 हजार रुपये थी। नई व्यवस्था से राज्य सरकार का सालाना खर्च एक हजार करोड़ रुपये बढ़ेगा।
होम लोन पर मिलेगा अनुदान
अगर पीएम आवास योजना के तहत कोई लाभार्थी होम लोन पर घर खरीदते हैं, तो उन्हें अधिकतम एक लाख 80 हजार रुपये का ब्याज अनुदान मिलेगा। इसके लिए लाभार्थियों को योजना के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। यह अनुदान केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा।
































