पटना: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा रविवार, 17 नवंबर को सहरसा पहुंचे। यहां जिला अतिथि गृह में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि ओबीसी के मुद्दे का उठाना केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था कि बिहार से लेकर दिल्ली तक विपक्षी दल पहले मजबूत स्थिति में थे।
राजद पर आरोप
उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा, “जब लालू प्रसाद यादव भारत सरकार में मंत्री थे, तब वह ऐसी स्थिति में थे कि जो चाहें, भारत सरकार से करवा सकते थे। लेकिन सत्ता से बाहर होने पर ओबीसी के मुद्दे का सिर्फ चुनावी फायदा उठाने के लिए प्रचार किया जाता है। वास्तव में ओबीसी को हक देने का काम NDA सरकार ही कर रही है, चाहे देश में हो या बिहार में।”
लालू प्रसाद पर निशाना
कुशवाहा ने आगे कहा कि जब लालू प्रसाद केंद्र में मंत्री थे, तब उन्हें जातीय जनगणना की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हुई। बिहार में जब उनकी सरकार थी, तो अति पिछड़े, दलित और महिलाओं को सत्ता में हिस्सेदारी देने का काम भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में आरक्षण देने का काम केवल NDA सरकार ने किया, जबकि आरजेडी और लालू प्रसाद ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
उपचुनाव में जीत का दावा
बिहार में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव चल रहे हैं और झारखंड में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। बिहार में मतदान हो चुका है, जबकि झारखंड में पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और अंतिम चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा। उपेन्द्र कुशवाहा ने विश्वास जताया कि बिहार उपचुनाव में एनडीए के उम्मीदवार सभी चार सीटों पर जीत हासिल करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने झारखंड में भी बीजेपी और एनडीए को बढ़त मिलने की उम्मीद जताई।
































