रांची/झारखंड: झारखंड के चुनावी माहौल में महिला प्रत्याशियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। राज्य गठन के बाद से विधानसभा चुनावों में महिलाओं की भागीदारी लगातार उभर रही है। आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में एक बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में कदम रखा है।
पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी
पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यह स्पष्ट होगा कि पहले चरण में कितने प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं, दूसरे चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। इस बार एनडीए ने 14 और इंडिया गठबंधन ने 12 महिलाओं को टिकट दिया है, जिसमें भाजपा ने 12, आजसू ने 2, कांग्रेस ने 6, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 5 और राजद ने 1 महिला को टिकट दिया है।
भाजपा ने महिला प्रत्याशियों की घोषणा की है जिनमें जामताड़ा, कोडरमा, गांडेय, सिंदरी, निरसा, झरिया, पोटका, जमशेदपुर पूर्वी, चाईबासा, जगन्नाथपुर और छतरपुर शामिल हैं। कांग्रेस ने 6 महिलाओं को मैदान में उतारा है, जिनमें पाकुड़, महागामा, रामगढ़, झरिया, मांडर और बड़कागांव की प्रत्याशियां हैं। इनमें चार मौजूदा विधायक भी शामिल हैं: महागामा से दीपिका पांडे सिंह, झरिया से नीरज पूर्णिमा सिंह, बड़कागांव से अंबा प्रसाद और मांडर से शिल्पी नेहा तिर्की।
2019 में 10 महिलाओं ने जीत हासिल की थी
झारखंड विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त बिहार के समय वर्ष 2000 में चार महिलाएं चुनाव जीतने में सफल रहीं। 2005 में संख्या बढ़कर पांच हो गई और 2009 में ये आठ हो गई। 2014 में महिला विधायकों की संख्या 9 और 2019 में 10 हो गई। 2014 के चुनाव में कुल 111 महिला प्रत्याशियों में से 9 को जीत मिली, जबकि 2019 में 127 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था।
महिलाओं ने कई दिग्गजों को हराया
महिलाएं चुनावी मैदान में कई प्रमुख राजनेताओं को मात देती रही हैं। 2014 में दुमका में भाजपा की लुईस मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हराकर सुर्खियां बटोरीं। इसी तरह, सिल्ली विधानसभा उपचुनाव में सीमा देवी ने आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो को पराजित किया।


































