नई दिल्ली: टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का निधन 9 अक्टूबर को हुआ। उन्हें उम्र संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के चलते सोमवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी।
ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट के कारण उन्हें अस्पताल लाया गया, और बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित किया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
सोशल मीडिया पर किया था आखिरी पोस्ट
दो दिन पहले, 7 अक्टूबर को, उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में स्वास्थ्य को लेकर चल रही अफवाहों को नकारते हुए कहा था कि वह अपनी उम्र संबंधी चिकित्सा स्थितियों की जांच करा रहे हैं और चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने लिखा था, “मैं अच्छे मूड में हूं। कृपया गलत सूचनाएं फैलाने से बचें।”
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
रतन टाटा को अचानक ब्लड प्रेशर में गिरावट के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने 1991 में टाटा संस के चेयरमैन का पद ग्रहण किया और 2012 तक इस पद पर बने रहे। उनके कार्यकाल में, उन्होंने टाटा टेलीसर्विसेज की स्थापना की और टेटली, कोरस, और जगुआर लैंड रोवर जैसे अधिग्रहणों के जरिए टाटा समूह को वैश्विक स्तर पर एक सशक्त कंपनी में बदल दिया।
उनके नेतृत्व में, टाटा समूह का मूल्य 100 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया। दिसंबर 2012 में रिटायर होने के बाद, साइरस मिस्त्री ने उनकी जगह ली, जिनका 2022 में एक कार दुर्घटना में निधन हो गया।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सीएम नीतीश ने जताया शोक
दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। नेताओं ने उनके योगदान और उद्योग जगत में उनके नेतृत्व की सराहना की। रतन टाटा का भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा, और उनके निधन से देश ने एक महान व्यक्तित्व खो दिया है।
झारखंड के CM ने पोस्ट कर लिखा
झारखंड जैसे देश के पिछड़े राज्य को विश्व में पहचान दिलाने वाले टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन एवं पद्मविभूषण श्री रतन टाटा जी के देहावसान पर एक दिवसीय राज्यकीय शोक की घोषणा की जाती है।
अंबानी-अडानी और महिंद्रा ने दी श्रद्धांजलि
इस बीच, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रतन टाटा को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और परोपकारी व्यक्तियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत के लिए दुखद है और व्यक्तिगत रूप से उन्होंने एक मित्र को खोया है।
अंबानी ने रतन टाटा की दूरदर्शिता और परोपकारिता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाज की भलाई के लिए काम किया। उन्होंने टाटा के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने टाटा समूह को 70 गुना बढ़ाया और भारत को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।
गौतम अडानी ने भी टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत ने एक दिग्गज को खो दिया है, जिन्होंने आधुनिक भारत की दिशा को नया रूप दिया। उन्होंने टाटा के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे हमेशा अमर रहेंगे।
आनंद महिंद्रा ने टिप्पणी की कि भारत की अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक प्रगति की ओर बढ़ रही है और इसमें रतन टाटा के जीवन और कार्य का महत्वपूर्ण योगदान है।
शाम 4 बजे अंतिम संस्कार
देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का का अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उससे पहले सुबह 10 बजे उनका पार्थिव शरीर नरीमन प्लाइंट के NCPA लॉन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।



































