पटना: बिहार से बाहर के बीपीएससी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। ऐसे शिक्षकों की जांच का आदेश जारी किया गया है, जिन्होंने बिहार में नियमों के विपरीत नियुक्ति प्राप्त की। इस संबंध में डीपीओ स्थापना ने सभी हेडमास्टरों को विस्तृत निर्देश दिए हैं।

डीपीओ स्थापना रविंद्र कुमार साहु ने कहा है कि बिहार के बाहर से नियुक्त उन शिक्षकों के शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी, जिन्होंने बीपीएससी टीआरई-1 और टीआरई-2 में नियुक्ति पाई है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ग 1 से 8 तक के लिए नियुक्त बिहार के बाहर के शिक्षकों के सीटीईटी प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। यदि उनके अंक 90 से कम हैं, तो उन्हें सेवा से हटा दिया जाएगा। वहीं, वर्ग 9 से 12 तक के लिए नियुक्त बीपीएससी शिक्षकों को यदि एसटीईटी में 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त हुए हैं या 75 से कम अंक आए हैं, तो उन्हें भी सेवा से मुक्त किया जाएगा।

सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे 24 घंटे के भीतर अपने स्कूलों में तैनात बिहार से बाहर के शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच करें। यदि किसी शिक्षक के अंक उपरोक्त मानदंडों के अनुसार हैं, तो उनकी जानकारी 24 घंटे के भीतर बीआरसी में जमा करानी होगी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने बीपीएससी भर्ती में बिहारवासियों को कुछ छूट दी थी, जिसका लाभ बाहर के अभ्यर्थियों ने भी उठाया। अब उनकी जांच की जा रही है।

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