रांची/झारखंड: झारखंड विधानसभा चुनाव की घोषणा किसी भी समय हो सकती है, और सभी राजनीतिक दल इसकी तैयारियों में जुटे हैं। बीजेपी ने आजसू और जेडीयू के साथ मिलकर महागठबंधन सरकार को चुनौती देने की योजना बनाई है, जबकि जेएमएम और कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक के तहत अपनी स्थिति मजबूत की है।आरजेडी और सीपीआई (एमएल) भी इस गठबंधन का हिस्सा बनकर चुनाव में भाग लेंगी। इंडिया ब्लॉक में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चाएँ शुरू हो गई हैं, लेकिन असमंजस सिर्फ 31 सीटों पर है। इसकी वजह यह है कि 50 सीटों पर कोई विवाद नहीं है।
50 सीटों पर सहमति
इंडिया ब्लॉक में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला क्या होगा, इस पर चर्चा हो रही है। जानकारी के अनुसार, 81 में से करीब 50 सीटों पर महागठबंधन दलों के बीच कोई विवाद नहीं है, जहां 2019 में जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई (एमएल) ने जीत हासिल की थी। बाकी 31 सीटों पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
कांग्रेस प्रवक्ता जगदीश साहू के अनुसार, 2019 में झामुमो ने 30 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस ने 16 सीटें जीती थीं। मौजूदा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने से यह संख्या 18 हो गई है। इन चारों दलों के पास 50 सुरक्षित सीटें हैं, और अब अगले बैठकों में यह तय किया जाएगा कि 31 सीटों पर कौन सी पार्टी किस स्थान पर थी।
बैठक में होगा निर्णय
कांग्रेस ने 31 सीटों पर चर्चा को प्राथमिकता दी है, और झामुमो ने भी इसे स्वीकार किया है। जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय का कहना है कि 2019 की जीती हुई सीटें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बाकी सीटों पर विचार करने की आवश्यकता है। महागठबंधन को न केवल बीजेपी को हराना है, बल्कि 2019 से भी बेहतर प्रदर्शन करना है।
कुछ विधानसभा सीटें, जैसे सिमरिया, भवनाथपुर, और जमशेदपुर पूर्वी, 2019 में महागठबंधन के लिए अच्छी नहीं रहीं। इन सीटों पर उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर इस बार बदलाव की संभावना है।


































