पटना: बिहार में स्मार्ट मीटर का विवाद इन दिनों काफी गरमाया हुआ है। कई स्थानों पर लोग स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं, जिससे बिजली विभाग को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी संदर्भ में, मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है।
कई लोगों का दावा है कि स्मार्ट मीटर की वजह से उनके बिजली बिल बढ़ गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि बिहार में स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट का सिलसिला जारी है, जिससे गरीब, किसान और आम उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने 1 अक्टूबर से इस मुद्दे पर आंदोलन शुरू करने की घोषणा की।
हाल ही में, पश्चिमी चंपारण से एक घटना सामने आई थी, जहां सलहा बरियरवा पंचायत में स्मार्ट मीटर लगाने गई विद्युत टीम को ग्रामीणों ने भगा दिया। विद्युत कर्मियों ने पुराने मीटर के स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इस मामले में विद्युत कर्मियों ने कुछ लोगों के खिलाफ बदसलूकी का आरोप लगाते हुए केस भी दर्ज कराया।
उधर, 23 सितंबर को दरभंगा में छात्र राजद ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को ठगा जा रहा है। हालांकि, बिजली कंपनियों के निर्देश पर स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसियां लोगों के बीच फैले भ्रम को दूर करने का प्रयास कर रही हैं।



































