राजकोट: गुजरात के राजकोट में शादी का माहौल था। मंडप सजे हुए थे, और 28 बेटियों के परिवार उत्साह से भरे हुए थे। लेकिन तभी एक ऐसी घटना घटी, जिसने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया। सामूहिक विवाह का आयोजन कर लाखों रुपये लेने वाले आयोजक शादी से पहले ही फरार हो गए। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो सामने आया कि यह पूरा आयोजन सिर्फ एक धोखा था। दूल्हे-दुल्हन के परिवारों की आंखों में आंसू थे।

क्या है पूरा मामला?

राजकोट के माधापर चौकड़ी के पास स्थित एक होटल के सामने मैदान में 28 सर्वजातीय बेटियों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। इसके लिए प्रत्येक परिवार से 15,000 से 40,000 रुपये तक वसूले गए थे। शादी के दिन जब परिवार समारोह स्थल पर पहुंचे, तो वहां कोई आयोजक मौजूद नहीं था। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई नहीं आया। जब आसपास पूछताछ की गई, तो पता चला कि यहां कोई शादी समारोह की योजना नहीं थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पीड़ित परिवारों की व्यथा

राजकोट से अपने बेटे की शादी कराने आए विट्ठलभाई ने गहरे दुख के साथ बताया कि आयोजक लाखों रुपये लेकर भाग गए। उन्होंने कहा, “बेटी की शादी एक पिता के लिए सबसे बड़ा अवसर होता है। लेकिन इस घटना ने यहां मौजूद हर पिता का दिल तोड़ दिया।”

शादी के लिए सजी-धजी एक दुल्हन ने निराशा जताते हुए कहा, “हम सुबह 5 बजे से यहां हैं, लेकिन सिर्फ खाली मंडप नजर आ रहा है। कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। मैं केशोद से आई हूं। मेरे साथ 28 और लड़कियों के सपने चकनाचूर हो गए।” ठगी के शिकार परिवारों ने पुलिस से आग्रह किया कि उनके पैसे वापस दिलाए जाएं।

नौकरी देने का था आश्वासन

एक महिला, जो अपने जेठ की बेटी की शादी में शामिल होने आई थीं, ने बताया कि आयोजकों ने प्रत्येक पक्ष से 15-15 हजार रुपये लिए थे। साथ ही शादी के तुरंत बाद नौकरी देने का वादा किया गया था। आयोजकों ने भरोसा दिलाया था कि सुबह 6 बजे तक सभी तैयारियां पूरी हो जाएंगी। लेकिन जब परिवार वहां पहुंचे, तो कोई भी व्यवस्था नहीं थी और आयोजक भी लापता थे। यहां तक कि विवाह कराने आए पंडित भी लौट गए।

सख्त कार्रवाई की मांग

दड़वा से आए एक व्यक्ति, जो अपने भांजे की शादी में शामिल होने आए थे, ने बताया कि आयोजकों ने 27 बेटियों की शादी का आयोजन किया था और हर परिवार से 15 से 30 हजार रुपये लिए थे। उन्होंने मांग की कि ऐसे धोखेबाजों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

शादी में शामिल होने आईं एक अन्य महिला ने बताया कि उन्होंने आयोजकों को 30 हजार रुपये दिए थे, लेकिन अब वे फरार हो गए हैं। उन्होंने इसे एक बड़ा अन्याय बताते हुए मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

पुलिस ने 7 जोड़ों की शादी कराई

जब राजकोट में बहुजातीय सामूहिक विवाह के आयोजक फरार हो गए, तो पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कार्रवाई की। 28 जोड़ों की शादी होनी थी, लेकिन कई परिवार मायूस होकर लौट गए। हालांकि, पुलिस ने अन्य सामाजिक संस्थाओं की मदद से वहां मौजूद 7 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया। रात के भोजन की व्यवस्था बोलबाला ट्रस्ट द्वारा की गई। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता क्रुणालभाई ने भी विवाह सम्पन्न कराने में सहयोग दिया।पुलिस की प्रतिक्रिया”

जिनकी शादी होने वाली थी, पुलिस उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। यह विवाह समारोह राजकोट सिटी पुलिस टीम द्वारा संपन्न कराया जाएगा। साथ ही, पीड़ित परिवारों की शिकायत के आधार पर आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुट गई हैं।”- राधिका भराई, एसीपी

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