प्रयागराज: महाकुंभ मेला 2025 में एक ऐसा बच्चा चर्चा का विषय बना है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं। इस आठ साल के बच्चे ने अपनी ताकत और एथलेटिक क्षमता से सभी को चौंका दिया है। रुद्र, जो बुलंदशहर का रहने वाला है, अब “इंडियन टार्जन” के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है। कक्षा तीन का छात्र रुद्र अपनी असाधारण ताकत से महाकुंभ में सबका ध्यान खींच रहा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रसिद्ध संत कैलाशानंद गिरी के सामने जब उसने अपने करतब दिखाए, तो हर कोई दंग रह गया।
बिना थके एक हाथ से करता है 2,000 पुशअप्स
रुद्र की सबसे चौंकाने वाली विशेषता उसकी शारीरिक क्षमता है। वह लगातार पुशअप्स करता है, वह भी बिना थके। वह एक हाथ से पुशअप्स करने में सक्षम है और कंटिन्यू करते हुए 2,000 पुशअप्स से ज्यादा करता है। रुद्र की यह ताकत और सहनशक्ति देखकर लोग दंग रह जाते हैं। इसके अलावा, रुद्र ने ढाई हजार कमांडो पुशअप्स, 2,000 डायमंड पुशअप्स और 1,200 से अधिक सपाटे भी किए हैं। हरियाणा में उसे “सपाटा किंग” के नाम से जाना जाता है।
रुद्र ने वीडियो देखकर सीखा एक्सरसाइज और फाइटिंग
रुद्र के पिता प्रकाश बताते हैं कि जब रुद्र 3 साल का था, तो वह मोबाइल पर चीनी और जापानी वीडियो देखा करता था। इन वीडियो में एक्सरसाइज और फाइटिंग के तरीके थे, जिन्हें देखकर रुद्र ने अपनी ट्रेनिंग शुरू की। उसने इन वीडियो से बहुत कुछ सीखा और धीरे-धीरे अपनी ताकत को निखारा। इसके बाद रुद्र ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना शुरू किया और कुंभ में आए संतों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाई।
संतों के सामने प्रदर्शन: रुद्र ने जीता दिल
रुद्र का प्रदर्शन देख संत भी हैरान रह गए। संत कैलाशानंद गिरि ने उसे देखकर तालियां बजाईं और उसे 5000 रुपये का पुरस्कार भी दिया। रुद्र की प्रतिभा ने न केवल संतों को प्रभावित किया, बल्कि महाकुंभ में उसकी हैरतअंगेज एक्सरसाइज को देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह गए। रुद्र के साथ सेल्फी लेने के लिए लोग लाइन में खड़े रहते हैं। उसका आत्मविश्वास और ताकत हर किसी को प्रेरित करती है।
रुद्र की दिनचर्या: 3:30 बजे सुबह से शुरू होती है प्रैक्टिस
रुद्र की कड़ी मेहनत और समर्पण उसकी दिनचर्या से साफ दिखाई देता है। वह हर दिन सुबह 3:30 बजे उठता है, दौड़ने जाता है, फिर लौटकर एक्सरसाइज करता है। इसके बाद वह नाश्ता करता है और स्कूल जाता है। रुद्र की कड़ी मेहनत ने उसे स्कूल में भी बहुत लोकप्रिय बना दिया है। उसकी यह दिनचर्या उसकी फिटनेस और मानसिक मजबूती को दर्शाती है।
रुद्र की प्रेरणा: जुनून और आत्मविश्वास
रुद्र की कहानी यह साबित करती है कि किसी भी उम्र में अगर जुनून और समर्पण हो, तो कोई भी बड़ा काम किया जा सकता है। महाकुंभ में उसने अपनी प्रतिभा से सभी को चौंका दिया है और आने वाले समय में रुद्र और भी बड़े कारनामे कर सकता है।
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