पटना: बिहार में पिछले लोकसभा सदस्यों द्वारा अनुशंसित सांसद योजनाओं की स्थिति अब गंभीर हो गई है। योजना और विकास विभाग ने आदेश जारी किया है कि यदि दो महीने के भीतर अधूरी योजनाएं पूरी नहीं होतीं, तो उन्हें रद्द कर दिया जाएगा। इस आदेश के बाद 17वीं लोकसभा के सांसदों द्वारा अनुशंसित 1517 योजनाएं और राज्यसभा सांसदों द्वारा अनुशंसित 412 योजनाएं रद्द होने के कगार पर हैं। अब इन योजनाओं को संभाव्यता सूची से बाहर कर दिया जाएगा और उन्हें रद्द कर नए सिरे से स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। योजना और विकास विभाग के प्रधान सचिव ने इस संबंध में क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

अपूर्ण योजनाओं का आंकड़ा

  • 45 दिनों से अधिक समय से लंबित योजनाओं की संख्या: 771
  • एक वर्ष से अधिक समय से लंबित योजनाओं की संख्या: 525
  • स्वीकृति के तीन महीने बाद भी जिन योजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ: 1385

इन योजनाओं पर अब तक कोई प्रगति नहीं हो पाई है, और इतनी लंबी अवधि के बावजूद काम न शुरू होने की स्थिति में इन्हें रद्द करने का निर्णय लिया गया है। प्रधान सचिव ने अधिकारियों को आखिरी मौका देते हुए कहा है कि अगर कोई योजना दो महीने के भीतर पूरी हो सकती है, तो उसे पूरा करें, अन्यथा उसे रद्द कर दिया जाएगा।

प्रमंडलवार अपूर्ण योजनाएं (लोकसभा और राज्यसभा)

  • पटना: 582 (लोकसभा), 254 (राज्यसभा)
  • तिरहुत: 28 (लोकसभा), 06 (राज्यसभा)
  • मगध: 489 (लोकसभा), 07 (राज्यसभा)
  • मुंगेर: 164 (लोकसभा), 74 (राज्यसभा)
  • भागलपुर: 10 (लोकसभा), 36 (राज्यसभा)
  • सारण: 89 (लोकसभा), 00 (राज्यसभा)
  • कोसी: 21 (लोकसभा), 00 (राज्यसभा)
  • पूर्णिया: 18 (लोकसभा), 00 (राज्यसभा)
  • दरभंगा: 116 (लोकसभा), 35 (राज्यसभा)

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