पटना: आरिफ मोहम्मद खान ने बिहार के 42वें राज्यपाल के तौर पर शपथ ग्रहण कर लिया है। यह समारोह राजभवन में आयोजित किया गया, जिसमें पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, न्यायमूर्ति कृष्णन विनोद चंद्रन ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, और अन्य सरकारी मंत्री व अधिकारी मौजूद रहे।

राज्यपाल के बदलाव की प्रक्रिया

दरअसल, आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 24 दिसंबर को बिहार के राज्यपाल को बदलने का निर्णय लिया था। आरिफ मोहम्मद खान, जो पहले केरल के राज्यपाल थे, को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया। वहीं, बिहार के पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को केरल का गवर्नर नियुक्त किया गया।

पटना में स्वागत और शपथ ग्रहण समारोह

आरिफ मोहम्मद खान सोमवार को पटना पहुंचे थे और उनके स्वागत के बाद यह चर्चा का विषय बन गया था। 2 जनवरी को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने उन्हें बिहार के 42वें राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित सभी मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।

बिहार को 26 साल बाद मिला मुस्लिम राज्यपाल

बिहार को 26 साल बाद एक मुस्लिम राज्यपाल मिला है। इससे पहले एआर किदवई 14 अगस्त 1993 से 26 अप्रैल 1998 तक राज्यपाल रहे थे। नए राज्यपाल, आरिफ मोहम्मद खान, इससे पहले केरल के राज्यपाल रह चुके हैं। वह जनता पार्टी, लोकदल, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी में भी रह चुके हैं। चुनावी साल में आरिफ मोहम्मद खान का बिहार के गवर्नर बनने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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