पटना: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज मुख्य सचिव से मिला और अपनी विभिन्न मांगें रखीं। इस मुलाकात के बाद मुख्य सचिव कार्यालय से एक प्रेस रिलीज जारी किया गया।
BPSC अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
छात्रों ने अपनी मांगों में पूरी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, परीक्षा में हुई अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराने, अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, छात्र-छात्राओं पर अत्यधिक बल प्रयोग करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और दिवंगत सोनू कुमार के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
इसके अलावा, कुछ परीक्षा केंद्रों के मुद्दों को भी उठाया गया। सभी मांगों पर चर्चा करने के बाद, प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि उनके द्वारा समर्पित मांग-पत्र पर कानूनी रूप से उचित कार्रवाई की जाएगी। परीक्षार्थियों से शांति बनाए रखने का अनुरोध भी किया गया।
नई दिल्ली में भी गुस्सा, जदयू कार्यालय का घेराव
BPSC अभ्यर्थियों द्वारा हुए लाठीचार्ज पर गुस्सा न केवल पटना बल्कि नई दिल्ली में भी देखा गया। आज बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने दिल्ली स्थित जदयू कार्यालय का घेराव किया। अभ्यर्थियों का कहना था कि जब तक परीक्षा रद्द नहीं की जाती है, वे वहां से नहीं हटेंगे।
एआईएसएफ के सदस्य कर रहे थे विरोध प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को एआईएसएफ के सदस्य बताया जा रहा है। इन प्रदर्शनकारियों ने नीतीश कुमार की सरकार को कमजोर करार देते हुए कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नीतीश कुमार दिल्ली में मौजूद
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस समय दिल्ली में हैं, जहां उनकी बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर एनडीए की बैठक में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।



































