पटना: “सर, आपको जाना होगा, आपकी वजह से हम पर लाठियां चटकाई गईं। अब हमें आपकी जरूरत नहीं है। आप हमारे साथ रहकर, हमें आगे कर खुद भाग जाते हैं,” यह शब्द थे छात्रों के, जब पुलिस ने गांधी मैदान के आसपास के इलाकों में लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद, प्रशांत किशोर (पीके) छात्रों को धमकाने लगे और उनके साथ मौजूद लोग गालियां देने लगे।
BPSC परीक्षा के विरोध में छात्र आंदोलन
दरअसल, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं परीक्षा को दोबारा कराने की मांग को लेकर छात्र पिछले 12 दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे थे। इस बीच, कई शिक्षक और राजनेता भी वहां आते रहे और छात्रों से बातचीत करते रहे। दो दिन पहले, प्रशांत किशोर भी वहां पहुंचे थे और उन्होंने तय किया था कि छात्र गर्दनीबाग से गांधी मैदान के गांधी मूर्ति तक जाएंगे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। फिर भी छात्र वहां पहुंचे और गांधी मैदान से जेपी गोलंबर तक पैदल मार्च किया। इसके बाद प्रशासन ने बल प्रयोग कर उन्हें रोका। जैसे ही पुलिस ने बल प्रयोग शुरू किया, प्रशांत किशोर वहां से भाग गए।
आधी रात को छात्र धरना स्थल पर पहुंचे पीके
बाद में, आधी रात को प्रशांत किशोर और उनकी टीम धरना स्थल पर पहुंचे और छात्रों को धमकी देने लगे। छात्रों से गाली-गलौज की गई और उनकी जातियां भी पूछी गईं। एक छात्र ने कहा, “सर, आप यहां से चले जाइए, हमें आपकी जरूरत नहीं है, आपने हम पर जानबूझकर राजनीति कर लाठियां चटकवाई हैं।” इस पर पीके ने धमकियां देते हुए पूछा, “नाम क्या है आपका?” छात्र ने जवाब दिया, “सर, नाम जानने की जरूरत नहीं है।” पीके ने फिर धमकी दी, “बहुत होशियार बनोगे तो काम नहीं आएगा।”
छात्रों का विरोध और नारेबाजी
छात्रों ने जवाब दिया, “क्या आप हमें धमकी दे रहे हैं? आप क्या सोचते हैं, हम आपकी धमकियों से डर जाएंगे?” इसके बाद छात्र “प्रशांत किशोर गो बैक” के नारे लगाने लगे। इस पर पीके ने कहा, “कंबल मांगे थे हमसे और अब विरोध कर रहे हो?” छात्रों ने जवाब दिया, “हमें आपके कंबल की जरूरत नहीं है, आप कंबल देकर धौंस दिखा रहे हो।” इसके बाद पीके ने गुस्से में आकर कहा, “तुम्हारी अकड़ ढीला कर देंगे, ज्यादा बोलोगे तो उठाकर ले जाएंगे।”
गांधी मैदान में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
पटना में बीपीएससी परीक्षा को दोबारा कराने की मांग को लेकर रविवार को छात्र गांधी मैदान पहुंचे थे। दोपहर 1:30 बजे प्रशांत किशोर भी वहां पहुंचे और छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुए। छात्रों का कहना था कि पेपर लीक हुआ है, जिसे रद्द किया जाए। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह छात्रों का आंदोलन है, और जो निर्णय वे लेंगे, वह उसका समर्थन करेंगे। लेकिन जैसे ही पुलिस ने बल प्रयोग किया, प्रशांत किशोर वहां से भाग गए। पुलिस ने बताया कि जेपी गोलंबर पर छात्रों का जमावड़ा हो गया था, और यातायात व्यवस्था भी बाधित हो गई थी। छात्रों की धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाया।


































