पटना: राजधानी पटना में बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थियों के धैर्य का बांध आज टूट गया। कई दिनों से उनकी मांगों को नजरअंदाज करने के बाद अभ्यर्थी आज बीपीएससी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिससे कई अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल हो गए।
बीपीएससी परीक्षा को लेकर तनाव
बीपीएससी 70वीं संयुक्त परीक्षा के विवाद के बाद बिहार में सियासी माहौल और भी गर्म हो गया है। पेपर लीक के आरोपों के बाद बीपीएससी ने पटना के बापू केंद्र की परीक्षा रद्द कर दी थी और वहां फिर से परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। 4 जनवरी को बीपीएससी बापू केंद्र की रद्द परीक्षा को फिर से आयोजित करने जा रहा है। हालांकि, एक गुट यह मांग कर रहा है कि पूरी परीक्षा को रद्द किया जाए और नए सिरे से परीक्षा ली जाए।
धरना और पुलिस की कार्रवाई
पटना के गर्दनीबाग में पिछले आठ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे बीपीएससी अभ्यर्थियों का धैर्य टूट गया और वे बड़ी संख्या में बीपीएससी कार्यालय पहुंचे। वहां अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बढ़ते देख पुलिस ने सख्त कदम उठाया और लाठीचार्ज कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने अभ्यर्थियों पर जानवरों की तरह लाठियां बरसाईं। इस दौरान महिला अभ्यर्थियों को भी नहीं बख्शा गया, और उन पर भी लाठियां चलाई गईं। इस लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थी घायल हो गए।
विपक्ष का समर्थन और पप्पू यादव का ऐलान
वहीं, बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में विपक्षी दल भी उतर आए हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बुधवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बीपीएससी बिहार के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पप्पू यादव ने नीतीश सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर परीक्षा रद्द नहीं की गई तो 1 जनवरी को बिहार बंद करेंगे।
सरकार पर दबाव बढ़ता हुआ
बीपीएससी परीक्षा विवाद अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, और विपक्ष सरकार पर दबाव बना रहा है। अभ्यर्थी भी पूरी परीक्षा को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह है कि सरकार इस विवाद को किस तरह सुलझाती है और क्या अभ्यर्थियों की मांगें पूरी होती हैं या नहीं।
































