नई दिल्ली: ‘एक देश-एक चुनाव’ की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ते हुए, केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों के तीव्र विरोध के बावजूद इससे संबंधित संविधान का 129वां संशोधन विधेयक और अन्य विधेयक मंगलवार को लोकसभा में प्रस्तुत किए। इस पर विपक्ष ने इस विधेयक को तानाशाही करार देते हुए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने की मांग की। सरकार ने विपक्ष की मांग को मानते हुए दोनों विधेयकों को जेपीसी में भेजने का फैसला लिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब यह बिल मंत्रिमंडल में चर्चा के लिए आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जेपीसी को भेजने की बात की थी। अब दोनों विधेयक संविधान का 129वां संशोधन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन जेपीसी के पास भेजे जाएंगे।
क्या होगा अगर बिल पास हो गया?
संसद का मौजूदा सत्र 20 दिसंबर तक है, ऐसे में इस सत्र में यह विधेयक पास नहीं हो पाएंगे। संयुक्त संसदीय समिति की मंजूरी के बाद अगर यह विधेयक संसद में बिना किसी परिवर्तन के पास हो गए, तो यह कब लागू होंगे?
जेपीसी का गठन कैसे होगा?
संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। इन सदस्यों की संख्या पार्टियों की ताकत के हिसाब से तय की जाएगी। सबसे बड़ी पार्टी, भाजपा, को सबसे अधिक सदस्य और अध्यक्षता मिलने की संभावना है।
जेपीसी का कार्य क्या होगा?
‘एक देश-एक चुनाव’ से संबंधित इस आठ पेज के विधेयक में जेपीसी को गहन अध्ययन करना होगा। इसमें संविधान के तीन अनुच्छेदों में संशोधन और एक नया प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव है। खासकर अनुच्छेद 82 में बदलाव करके एक नई व्यवस्था की बात की गई है, जो राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित तिथि पर चुनाव कराए जाने की बात करेगा।
जेपीसी रिपोर्ट कब देगी?
संविधान का 129वां संशोधन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयकों को अंतिम रूप देने में पूरा 2025 लग सकता है। यदि ऐसा होता है तो ये विधेयक 2026 में फिर से संसद में पेश किए जाएंगे।
अगर इन विधेयकों को विशेष बहुमत से पारित किया जाता है, तो निर्वाचन आयोग को 2029 के चुनाव की तैयारी के लिए केवल दो साल का समय मिलेगा। यह समय सभी राज्यों में एक साथ चुनाव कराने के लिए अपर्याप्त हो सकता है।
क्या कोई निश्चित समयसीमा है?
अभी तक विधेयक में यह नहीं बताया गया है कि यह कब लागू होगा। केंद्र सरकार ने इसे लागू करने का अधिकार अपने पास रखा है, और राष्ट्रपति की अधिसूचना का समय भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
विधेयक पास होने के बाद क्या होगा?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है अगर विधेयक पास हो जाता है, तो 2029 के चुनाव के बाद राष्ट्रपति एक अधिसूचना जारी करेंगे और लोकसभा की पहली बैठक की तिथि तय की जाएगी। चुनाव होंगे, और फिर लोकसभा का पांच साल का कार्यकाल 2034 में पूरा होगा। इसी के साथ सभी विधानसभाओं का कार्यकाल भी समाप्त माना जाएगा, जिसके बाद एक साथ चुनाव कराए जा सकेंगे।




































