पटना: सचिवालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को लेकर बिहार सरकार ने और कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने 12 दिसंबर को इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और डीजीपी को निर्देश देते हुए पत्र जारी किया है। उन्होंने सभी कार्यालयों में उपस्थिति की सख्ती से निगरानी करने को कहा है।

बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य

मुख्य सचिव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सचिवालय और अधीनस्थ कार्यालयों के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। साथ ही, कार्यालय अवधि और लंच ब्रेक के दौरान भी कर्मियों की उपस्थिति दर्ज होनी चाहिए। 2007 से ही पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, लेकिन इसका पालन पूरी तरह नहीं हो रहा है।

अनुपालन में हो रही है लापरवाही

पत्र में उल्लेख किया गया है कि समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई कार्यालयों में सरकारी प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए बायोमेट्रिक उपस्थिति और कार्यालय अवधि में उपस्थिति के नियमों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

औचक निरीक्षण के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों और सचिवों को तीन महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:

1. उपस्थिति की नियमित निगरानी: औचक निरीक्षण कर उपस्थिति का अनुश्रवण करें।

2. विलंब पर कार्रवाई: देर से आने वाले कर्मियों पर नियमानुसार कार्रवाई करें और अवकाश खाते में समायोजन करें।

3. वेतन कटौती का प्रावधान: जिनके पास अवकाश नहीं बचा हो, उनके विलंब का समय वेतन से काटा जाए।

विभागाध्यक्षों को विशेष अधिकार

विशेष परिस्थितियों में, विभागाध्यक्षों को आवश्यक छूट प्रदान करने का अधिकार दिया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सरकारी कार्यों में बाधा न हो, सभी निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

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