पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर हाल ही में विवाद गहराता जा रहा है। परीक्षा प्रक्रिया और उससे जुड़े मुद्दों पर फैली असमंजस ने छात्रों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी क्रम में आज सुबह आयोग ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। हालांकि, यह बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई।
मांगों पर विचाराधीन निर्णय
बैठक के बाद छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी मांगें और समस्याएं चेयरमैन के सामने रखीं। चेयरमैन ने कहा, “आपकी समस्याओं पर विचार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल कोई त्वरित निर्णय संभव नहीं है।” अब छात्र उपमुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर रहे हैं। यह संकेत है कि आयोग ने परीक्षा पर ही अपना ध्यान केंद्रित किया हुआ है और अन्य मांगों पर तुरंत कोई फैसला लेने के मूड में नहीं है।
BPSC परीक्षा: सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया
गौरतलब है कि BPSC के जरिए डीएसपी, डिप्टी कलेक्टर और राजस्व अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों के साथ ग्रुप बी के कई अन्य पदों पर भी भर्तियां होती हैं। इस बार आयोग 2035 पदों के लिए परीक्षा आयोजित कर रहा है, जो BPSC के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया है। प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर को होनी है।
परीक्षा केंद्र और अभ्यर्थियों की संख्या
70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर को 925 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें करीब पांच लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की संभावना है। इस बार आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा परिणाम नॉर्मलाइजेशन के आधार पर नहीं जारी किया जाएगा। इसके बावजूद, छात्रों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा।
डिप्टी सीएम ने छात्रों से की अपील
छात्रों के प्रदर्शन के बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपील करते हुए कहा, “छात्र केवल बीपीएससी की तैयारी पर ध्यान दें और किसी भी भ्रम से बचें।” फिलहाल, यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस विवाद का क्या समाधान निकलता है।
































