पटना: जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान पार्षद रामेश्वर महतो ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने जदयू के सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महतो का कहना है कि ठाकुर ने उनका अपमान किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गुमराह कर रहे हैं।
रामेश्वर महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा उनकी बातों को महत्व दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में मौजूद कुछ नेता नीतीश कुमार को भ्रमित कर रहे हैं। महतो ने कहा कि ऐसे नेताओं को समाज कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह उनके निर्णयों का सम्मान करते हैं।
कौन हैं रामेश्वर महतो?
रामेश्वर महतो का जन्म बिहार के सीतामढ़ी जिले के भासर गांव में हुआ था। वह बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं और जनता दल (यूनाइटेड) के संगठनात्मक प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। महतो एक राजनेता के साथ-साथ सफल व्यवसायी भी हैं। वह क्रॉकरी और मार्बल के व्यापार से जुड़े हैं। उन्होंने जदयू में मधुबनी के जिला प्रमुख के तौर पर कार्य किया और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे।
महतो ने बी.कॉम तक की पढ़ाई की है और विधान परिषद के सदस्य बनने से पहले सीतामढ़ी क्षेत्र में सक्रिय राजनीति करते थे। राज्य चुनावों में उन्होंने विधायकी के लिए भी अपनी उम्मीदवारी पेश की थी।
देवेश चंद्र ठाकुर का परिचय
देवेश चंद्र ठाकुर (जन्म 3 जुलाई 1953) जदयू के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद हैं। वह बिहार विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रह चुके हैं।
उन्होंने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चार बार बिहार विधान परिषद के सदस्य के रूप में जीत दर्ज की है। इसमें सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली और शिवहर जिले शामिल हैं। ठाकुर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
महतो के इस्तीफे से जदयू को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।
































