पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मंगलवार की देर शाम 69वीं संयुक्त परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया। रिजल्ट के आते ही सफल अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस बार कुल 470 कैंडिडेट्स ने सफलता हासिल की है। इनमें सीतामढ़ी जिले के उज्ज्वल कुमार उपकार ने टॉप रैंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया।
वर्तमान में वैशाली में कल्याण पदाधिकारी हैं तैनात
उज्ज्वल फिलहाल वैशाली जिले के गोरौल प्रखंड में कल्याण पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। 69वीं बीपीएससी परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है। उज्ज्वल ने बताया कि उन्हें अपनी उपलब्धि पर पहले विश्वास ही नहीं हो रहा था।
कड़ी मेहनत का नतीजा
उज्ज्वल ने बताया कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी। इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ने के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने काफी ताने दिए। उनके माता-पिता को यह कहा जाता था कि उज्ज्वल ने नौकरी छोड़कर अपनी जिंदगी खराब कर ली। लेकिन उज्ज्वल ने साबित कर दिया कि मेहनत से हर लक्ष्य को पाया जा सकता है।
हिंदी माध्यम से बने पहले टॉपर
उज्ज्वल ने बताया कि बीपीएससी के 10 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि कोई हिंदी माध्यम का छात्र टॉप पर आया है। उनकी सफलता ने साबित कर दिया कि भाषा कभी बाधा नहीं बनती।
शिवदीप लांडे से मिली प्रेरणा
उज्ज्वल ने पुलिस विभाग में जाने की अपनी इच्छा को लेकर बताया कि पटना में पढ़ाई के दौरान उन्होंने आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे को काम करते देखा था। उनकी वर्दी और उनका अंदाज देखकर उज्ज्वल को भी वर्दी पहनने का शौक हुआ। तभी से उन्होंने इस दिशा में मेहनत शुरू कर दी थी।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
तीसरे प्रयास में उज्ज्वल ने यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता प्राइवेट शिक्षक हैं और मां एक आंगनवाड़ी सेविका हैं। दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े उज्ज्वल की सफलता से पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। उनकी बहन बीपीएससी शिक्षिका हैं और उज्ज्वल के इस सफर में परिवार ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया।



































