पटना: शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने शनिवार को ‘शिक्षा की बात, हर शनिवार’ कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि विभाग छात्रों के कौशल प्रशिक्षण पर काम कर रहा है। इस महीने ही इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और आइटीआइ संस्थानों को स्कूलों से जोड़ा जाएगा, जिससे कक्षा आठ से बारह तक के छात्रों को कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
शिक्षकों की हाजिरी होगी फोटो अटेंडेंस से
इसके अलावा, एक दिसंबर से शिक्षकों के स्कूल आने-जाने की निगरानी फोटो के माध्यम से अटेंडेंस से की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत विभाग एक नया एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करेगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी स्कूलों में दीवारों पर पेंटिंग का कार्य किया जाएगा, जिसमें यह तय किया जाएगा कि किस कक्षा में किस प्रकार की पेंटिंग की जाएगी। इसके अलावा, स्कूल की दीवारों पर महापुरुषों के प्रेरक स्लोगन भी लगाए जाएंगे। विभाग इसके लिए सभी स्कूलों को पत्र भेजेगा।
स्कूल टाइमिंग पर नई योजना
स्कूल की टाइमिंग को लेकर भी विभाग ने योजना बनाई है। जिन स्कूलों में कक्षाएं कम हैं, वहां के हेडमास्टर शिक्षकों के लिए फ्लेक्सिबल टाइमिंग सेट करेंगे, ताकि शिक्षकों को कोई परेशानी न हो और बच्चे पूरी तरह से पढ़ाई कर सकें। इसके साथ ही, अगले वर्ष से पोषक सामग्री, किताबें और बैग के लिए दी जाने वाली राशि एक साथ दी जाएगी। इस तरह, हर छात्र जब स्कूल के पहले दिन पहुंचेगा, तो उसके पास नया पोशाक, किताबें और बैग होंगे, जैसा कि निजी स्कूलों में होता है।
शिक्षकों से अपील: गपशप और मोबाइल से बचें
अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि स्कूलों में गपशप करने और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले शिक्षकों की संख्या कम है, लेकिन फिर भी उनसे अपील की गई है कि वे स्कूल में गपशप न करें। इसके अलावा, एक दिसंबर से शिक्षक अब अटेंडेंस में फोटो के साथ शामिल होंगे और इस व्यवस्था के लिए विभाग जल्द ही एक एसओपी जारी करेगा। इस एसओपी के तहत बच्चों की शिकायतों को सुलझाने के लिए बाल संसद और छात्र समितियों का गठन किया जाएगा।
































