नई दिल्ली: मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा का माहौल बन गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और राज्य पुलिस स्थिति को काबू में करने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए, गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी चार रैलियां रद्द कर दी हैं और महाराष्ट्र से दिल्ली वापस लौट आए हैं।
हिंसा में मंत्री और विधायकों के घरों को नुकसान
जानकारी के अनुसार, इंफाल में प्रदर्शनकारियों ने तीन मंत्रियों और छह विधायकों के घरों को आग लगा दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मणिपुर के सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा, कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई है और कुछ को आग के हवाले कर दिया गया है। इंफाल के कई इलाकों में कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है।
सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च और गिरफ्तारी
सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवान लगातार फ्लैग मार्च कर रहे हैं। अब तक दो दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार और गोलियां भी बरामद की गई हैं। हाल ही में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 उग्रवादियों को मार गिराया था, जो सीआरपीएफ कैंप पर हमले की योजना बना रहे थे।
जिरी नदी में शव मिलने के बाद उग्र हुआ प्रदर्शन
जब जिरी नदी से तीन शव मिले, तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित प्रदर्शनकारी मंत्री के घर पहुंचे, और जब उन्हें पता चला कि मंत्री मणिपुर में नहीं हैं, तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के घर में तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारी अब 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।



































